-बालक को बाल कल्याण समिति खंडवा ने संरक्षण में लेकर की पुनर्वास की कार्यवाही
खंडवा, 23 सितंबर (हि.स.)। नेपाल से बिना बताए आए 14 वर्षीय बालक को आरपीएफ द्वारा ट्रेन से उतार कर रेलवे चाइल्ड लाइन खंडवा को सुपुर्द किया गया। बाल कल्याण समिति की पहल पर बालक को वापस नेपाल भेज दिया गया।
नेपाल से आए बालक को चाइल्डलाइन द्वारा न्यायपीठ बाल कल्याण समिति में अध्यक्ष विजय सनावा, सदस्य नारायण बाहेती, विजय राठी ,पन्नालाल गुप्ता एवं सुश्री मोना दफ्तरी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। बाल कल्याण समिति खंडवा ने बालक को अपने संरक्षण में लिया । पूर्व में बालक ने चाइल्ड लाइन को बताया कि उसे एक अनजान व्यक्ति अपहरण करके लाया है। बाल कल्याण समिति खण्डवा द्वारा जब बालक की काउंसलिंग की गई तो बालक ने बताया कि उसे फोटोग्राफी का बहुत अधिक शौक है, इसलिए एक अच्छा कैमरा खरीदने के लिए घर से बिना बताए मुंबई के लिए निकला था। बालक के पास 5500 रुपये भी थे।बालक ने उसके परिवार की जानकारी दी। बाल कल्याण समिति द्वारा परिवार से संपर्क किया गया।परिवारजन खंडवा आए व आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए।
अध्यक्ष बाल कल्याण समिति खंडवा द्वारा अंतरराष्ट्रीय मामला होने से किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 95 एवं किशोर न्याय आदर्श नियम 2016 के 81(5) के तहत कार्यवाही कर महिला एवं बाल विकास विभाग, राज्य बाल संरक्षण आयोग, संचनालय महिला एवं बाल विकास विभाग भोपाल, चाइल्ड कंजर्वेशन फाउंडेशन के सहयोग से रेलवे चाइल्ड लाइन द्वारा बालक को खंडवा से भोपाल भेजा गया। भोपाल से बालक नेपाली राजदूतावास के अधिकारियों व गृह मंत्रालय के माध्यम से नेपाल पहुंचेगा। इस मामले में नरेंद्र नीलकंठ , राजकुमार साहू एवं नवीन जोशी नई दिल्ली का सराहनीय योगदान रहा।