राष्ट्रीय मत्स्य किसान दिवस पर सिफरी ने चलाया जन जागरूकता कार्यक्रम

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–सरकार द्वारा गंगा-यमुना को स्वच्छ रखने की दी जानकारी, दिलाया संकल्प

प्रयागराज, 10 जुलाई (हि.स.)। केन्द्रीय अंतर्स्थलीय मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान (सिफरी) प्रयागराज द्वारा राष्ट्रीय मत्स्य किसान दिवस के अवसर पर जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन रविवार को यमुना नदी के तट पर ककराहा घाट पर किया गया।

मुख्य अतिथि राजेश शर्मा, संयोजक नमामि गंगे (गंगा विचार मंच) राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन ने भारत सरकार व उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गंगा-यमुना नदियों को स्वच्छ रखने में किये जाने वाले विभिन्न प्रयासों की जानकारी दी तथा गंगा-यमुना को निर्मल और अविरल बनाने के लिए लोगों से आह्वान किया। उन्होंने मत्स्य किसान मछुआरों को गंगा जल पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी दिलाया। विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ समाजसेवी चौधरी शैलेंद्र नाथ सिंह ने भी सभा को संबोधित किया तथा मछुआरों के लिए मछली के महत्व को बताया।

संस्थान के केन्द्राध्यक्ष डॉ धर्म नाथ झा ने उपस्थित लोगों को नदियों और मछलियों के साथ-साथ नमामि गंगे परियोजना के बारे में जानकारी दी। लोगों को नदियों की जैव विविधता और स्वच्छता के महत्व बारे में जागरूक किया और इसके संरक्षण के लिए प्रेरित किया। संस्थान के अन्य वैज्ञानिक डॉ वेंकटेश ठाकुर तथा श्रवण कुमार शर्मा ने मत्स्य और मात्स्यकी के बारे में जानकारियां साझा की।

इस दौरान उपस्थित मछुआरों ने भी अपनी बातों को रखा और सभी ने नदियों के प्रति जागरूक होने के साथ ही इसे स्वच्छ रखने का संकल्प व्यक्त किया। समारोह में गंगा विचार मंच के प्रतिनिधि तथा आस-पास गांव के मत्स्य पालक, मत्स्य व्यवसायी एवं यमुना तट पर रहने वाले स्थानीय लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में संस्थान के राजेश जयसवाल, नरेंद्र कुमार मौर्य, जितेन्द्र कुमार, राम सजीवन, सुमित सिंह आदि मौजूद रहे।