बर्मिंघम, 9 जुलाई (हि.स.)। इंग्लैंड क्रिकेट में ब्रेंडन मैकुलम और बेन स्टोक्स युग की शानदार शुरुआत हो चुकी है और टीम ने इन दोनों के नेतृत्व में अब तक अपने सभी चार टेस्ट मैचों में जीत हासिल की है। आश्चर्यजनक बात यह है कि इंग्लैंड ने इन सभी चार टेस्ट मैचों में दूसरी पारी में 250 से अधिक के लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत हासिल की है।
मैकुलम के नेतृत्व में इंग्लैंड द्वारा अपनाई गई आक्रामक शैली को क्रिकेट जगत में ‘बैज़बॉल’ शब्द का नाम दिया गया है। हालांकि अब खुद मैकुलम ने इस ‘बैज़बॉल’ को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ी है।
मैकुलम ने एसईएन रेडियो से बातचीत में कहा, “मुझे नहीं पता कि ‘बैज़बॉल’ क्या है। इस बैज़बॉल शब्द को ज्यादा महत्व देने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है। मुझे यकीन है कि हमारे खिलाड़ी वास्तव में सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने की कोशिश करेंगे। अगर हम इस दृष्टिकोण को देखें कि हमारे खिलाड़ियों ने इसे कैसे किया है तो मुझे लगता है कि आपको जाकर सिर्फ अटैक ही नहीं करना होता है। इसलिए मैं उस मूर्खतापूर्ण शब्द (बैज़बॉल) को पसंद नहीं करता जिसे लोग आजकल हमारे लिए ज्यादा उपयोग में ला रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “ड्रेसिंग रूम में काफी कुछ सोचा जाता है कि खिलाड़ी कैसे अच्छा प्रदर्शन करेंगे और वो किस गेंदबाज पर दबाव डालेंगे। जब वो दबाव डालते हैं तो कई बार ऐसा भी होता है कि उन्होंने खुद भी दबाव को खूबसूरती से झेला है।”
उन्होंने कहा, “यह टेस्ट क्रिकेट के खेल को पसंद करने वालों के लिए एक चुनौतीपूर्ण दौर रहा है क्योंकि समाज बदल गया है और लोगों के पास अब बैठकर क्रिकेट देखने के लिए पांच दिन का समय नहीं है, इसलिए हमें यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि जो कौशल हमें मिला है और जो खेल हम लोगों तक ले जा रहे हैं, वे उसपर अपना समय दे सकते हैं या नहीं।”
उन्होंने कहा, “क्योंकि वास्तव में काफी कुछ सोचा जाता है कि लोग अपने प्रदर्शन का निर्माण कैसे करते हैं और जब वे गेंदबाजों पर दबाव डालते हैं और किन गेंदबाजों पर दबाव डालते हैं। कई बार ऐसा भी होता है कि उन्होंने दबाव को भी खूबसूरती से झेला है।” .