मऊ, 18 अप्रैल (हि.स.)। सिवान में गेहूं काटने गए व्यक्ति का शव निजी नलकूप के पाइप से धोती के सहारे लटकता हुआ मिला। सूचना पर पहुंचे ग्राम वासियों ने पुलिस को सूचित किया और मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया।
हलधरपुर थाना क्षेत्र के सेहबरपुर ग्राम पंचायत निवासी हरि गोपाल सिंह उर्फ मुन्ना सिंह 45 वर्ष पुत्र स्वर्गीय हवलदार सिंह सोमवार की प्रातः काल लगभग 5 बजे अपने घर से हंसिया लेकर पड़ोसी ग्राम पंचायत मड़ैली के सिवान में गेहूं काटने के लिए गए थे। लगभग एक घंटे बाद सेहबरपुर ग्राम पंचायत निवासिनी बदरुननिशा जब सिवान पहुंची, तो उसने हरि गोपाल सिंह उर्फ मुन्ना सिंह को धोती के सहारे टयूबवेल के पाइप से लटकता देखकर शोर मचाया। सम्पूर्ण क्षेत्र में खबर जंगल की आग की तरह फैल गई। सेहबरपुर के ही आनंद मोहन सिंह ने पुलिस को सूचित किया। थानाध्यक्ष शत्रुंजय कुमार सिंह सदल बल मौके पर पहुंचे और शव को बाहर निकाला। कुछ देर बाद फॉरेंसिक टीम पहुंची, और उसने जांच की औपचारिकता पूरी की। क्षेत्राधिकारी मधुबन भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। हरि गोपाल सिंह उर्फ मुन्ना सिंह जहां गेहूं काट रहे थे, वहां से कुछ ही दूरी पर लगभग 50 मीटर दूरी पर उनका नलकूप है। अभी वह कुछ ही गेहूं काट पाए थे। उनका चप्पल और हंसिया दोनों ही खेत में पड़ा हुआ था, और शव ट्यूबवेल के पाइप में धोती के सहारे लटकता मिला।
आशंका व्यक्त किया जा रहा है कि हरि गोपाल सिंह उर्फ मुन्ना सिंह की हत्या करने वाले हत्या करने के बाद उनके शव को धोती के सहारे नलकूप के पाइप से लटका दिया था, ताकि इस घटना को आत्महत्या का रूप दिया जा सके। घटनास्थल पर जैसे ही पुलिस पहुंची, ग्रामीण काफी आक्रोशित थे, और पुलिस ने जब शव को उठाने का प्रयास किया, तो मृतक के चचेरे भाई डॉ सुशील सिंह की अगुवाई में ग्रामीणों ने पुलिस को शव उठाने से रोक दिया। कहा कि जब तक मामले का पर्दाफाश होने का पूरा आश्वासन नहीं मिलेगा, हम शव उठने नहीं देंगे। कुछ देर बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता अशोक सिंह जो मृतक के फूफा के लड़के हैं, घटनास्थल पर पहुंचे, और उन्होंने आक्रोशित ग्रामीणों को समझा-बुझाकर माहौल को शांत किया। तब जाकर पुलिस शव को उठा सकी। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया है।
उठ रहे कई सवाल…
इस हादसे को लेकर अनेक प्रश्न उठ रहे हैं। हरि गोपाल सिंह उर्फ मुन्ना सिंह जब अपने घर से 5 बजे भोर में हंसिया लेकर गेहूं काटने के लिए चले, तो वह हाफ लोवर और फुल शर्ट पहने हुए थे, तो आखिर वह धोती कहां से आई, जिसके सहारे उन्हें नलकूप के पाइप से लटकाया गया था। गेहूं काटने का हंसिया एवं उनका चप्पल लगभग 50 मीटर दूरी पर खेत में पड़ा मिला। घटना का सारा परिदृश्य देखकर सभी इसे हत्या की घटना मान रहे हैं। मृतक के गले पर भी निशान देखे गए। अब तो वास्तविकता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट हो सकेगी।
परिवार की सभी जिम्मेदारी स्वयं संभालते थे…
मृतक हरि गोपाल सिंह अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। खेती किसानी भी अच्छी करते थे। प्रातः काल क्षेत्र मे हाकर के रूप में समाचार पत्र का वितरण भी करते थे और इसके बाद दिन में रतनपुरा भीमपुरा रोड पर अंजली ऑटो स्पेयर के नाम से अपनी एक दुकान भी चलाते थे। जहां दोपहिया वाहनों की सर्विसिंग होती थी और मोटरसाइकिल के पार्ट का विक्रय भी करते थे। कड़ी मेहनत करके अपने परिवार का पालन पोषण करते थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी अंजू देवी 40 वर्ष एवं 2 पुत्र आशुतोष सिंह 17 वर्ष जो इस समय इंटरमीडिएट कक्षा के छात्र हैं तथा दूसरा पुत्र शुभम सिंह 15 वर्ष जिसने इस वर्ष हाईस्कूल की परीक्षा दी है। परिवार पर मानो विपत्तियों का पहाड़ टूट पड़ा, रोते-रोते परिजनों का बुरा हाल है । हरि गोपाल सिंह उर्फ मुन्ना सिंह दो भाई थे। बड़े भाई वंश गोपाल सिंह जो मऊ रहते थे, लगभग 7 वर्ष पूर्व उनकी भी मौत हो चुकी है। उनकी चार पुत्रियां ही हैं, जो सभी अविवाहित हैं। परिवार में मात्र उनकी मां है, जो काफी बुजुर्ग हैं एवं बीमार रहती हैं। अब पूरा परिवार अभिभावक विहिन हो चुका है।हरि गोपाल सिंह काफी मेहनती सामाजिक एवं मृदुभाषी इंसान थे। गांव में इनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी सबसे मिल जुल कर रहते थे। आखिर घटना कैसे घटी गई इसे लेकर चर्चाओं का दौर तेज है।
पुलिस के लिए बड़ी चुनौती…
पुलिस के सामने इस घटना के पर्दाफाश को लेकर एक कड़ी चुनौती है। पुलिस घटना में प्रयुक्त धोती, हंसिया, चप्पल आदि अपने कब्जे में ले ली है। फॉरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए हैं। अब पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। देखना है पुलिस इस घटना के पर्दाफाश की चुनौती को कब तक हल करती है।