सरस जनवाद

WHO ने की अपील, देश अपने लोगों को वायरस से बचाने के लिए बूस्टर डोज देने से करे परहेज

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विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने हाल ही में अपील की थी कि संपन्न देश अपने लोगों को वायरस से बचाने के लिए बूस्टर डोज देने से परहेज करें। इसका मकसद उन देशों में टीकाकरण की दर को बढ़ाना था जहां बहुत कम लोगों को टीका लगा है। नतीजतन संक्रमण तेजी से हावी हो रहा है।

डब्ल्यूएचओ द्वारा बूस्टर डोज पर रोक की अपील के बाद भी अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस, इस्त्राइल में लोगों को वायरस से बचाने के लिए बूस्टर डोज लगाई जा रही है। डब्ल्यूएचओ ने दुनिया के अन्य देशों में भी टीकाकरण की गति को बढ़ाने के लिए बूस्टर डोज पर रोक की अपील की थी लेकिन सभी ने अपील को दरकिनार कर दिया है। दुनिया के कई देश बूस्टर डोज लगा रहे हैं तो कुछ इसकी तैयारी में जुटे हैं। डब्ल्यूएचओ की अपील के बाद भी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने कहा है कि बुजुर्गों व अधिक बीमार लोगों को सितंबर से बूस्टर डोज लगेगी। जर्मनी ने बीमार व बुजुर्गों को बूस्टर डोज लगाने का एलान कर दिया है। इस्त्राइल ने कहा है कि 60 वर्ष से ज्यादा वालों को बूस्टर डोज देगा।

जर्मनी ने डब्ल्यूएचओ की अपील को किया खारिज
जर्मनी ने डब्ल्यूएचओ की अपील को सिरे से खारिज कर दिया है। उसने कहा है कि वो अपने लोगों को जानलेवा वायरस से बचाने के लिए हर संभव कोशिश करेगा। उसने कहा कि दुनिया के निर्धन देशों को उसने टीके की तीन करोड़ डोज दान की है। वो जरूरतमंद देशों की मदद से पीछे नहीं हट रहा।