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उत्तराखंड में कक्षा एक से 12 वीं तक के पात्र छात्र-छात्राओं की किताबों की धनराशि आएगी उनके खातों में

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 उत्तराखंड में कक्षा एक से 12 वीं तक के पात्र छात्र-छात्राओं की किताबों की धनराशि सीधे उनके खातों में आएगी। शिक्षा सचिव राधिका झा ने अधिकारियों को इसके निर्देश दिए हैं। शिक्षा सचिव ने कहा कि जिन छात्र-छात्राओं के खाते उपलब्ध नहीं हैं। उन्हें एसएमसी के माध्यम से इसका भुगतान किया जाएगा।

शिक्षा सचिव ने आदेश जारी करते हुए कहा कि पिछले काफी समय से स्कूलों में भौतिक रूप से कक्षाएं शुरू नहीं हो पाई हैं। बच्चों के पढ़ाई के नुकसान को देखते हुए शिक्षा सत्र 2021-22 के लिए स्कूल खोलने का निर्णय लिया गया है। सचिव ने कहा कि इस दौरान बच्चों को डीबीटी के माध्यम से किताबों की धनराशि का भुगतान किया जाएगा।

कक्षा एक से आठवीं तक के समस्त राजकीय विद्यालयों, राजकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों एवं स्थानीय निकायों के माध्यम से चलने वाले स्कूलों, मान्यता प्राप्त मदरसों के छात्र-छात्राओं के खाते में किताबों की धनराशि दी जाएगी। इसके अलावा कक्षा 9 से 12 वीं तक के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं को एनसीईआरटी की पाठ्य पुस्तकें खरीदने के लिए डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) के माध्यम से धनराशि मंजूर की गई है।

शिक्षा सचिव ने कहा कि शिक्षा सत्र 2021-22 में छात्र-छात्राओं के हित में पाठ्य पुस्तकें खुले बाजार में उपलब्ध हों एवं सभी छात्रों के खातों में किताबों की धनराशि पहुंच गई है। इसके लिए संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी एवं मुख्य शिक्षा अधिकारी उत्तरदायी होंगे। इस संबंध में महानिदेशक की ओर से निर्देश जारी किए जाएंगे, ताकि छात्र-छात्राओं को किसी तरह की परेशानी न हो।

एक से आठवीं तक के छात्रों के लिए 21 करोड़ से अधिक मंजूर
प्रदैश में कक्षा एक से आठवीं तक के छह लाख 69 हजार छात्र-छात्राओं को किताबों की धनराशि मिलेगी। इसके लिए प्राथमिक के छात्रों को 250 रुपये एवं जूनियर हाईस्कूल के छात्रों के खाते में 400 रुपये आएंगे। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक एक से आठवीं तक के छात्र-छात्राओं के लिए 21 करोड़ 56 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।