उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जलियांवाला बाग के शहीदों को दी श्रद्धांजलि

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नई दिल्ली :- उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को जलियांवाला बाग नरसंहार की 101वीं बरसी पर शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनकी वीरता भारतीयों को आने वाले वर्षों तक प्रेरित करेगी।

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने अपने संदेश में कहा कि जालियांवाला बाग त्रासदी की बरसी के अवसर पर उन अमर शहीदों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिन्होंने 13 अप्रैल,1919 को इस अमानवीय हत्याकांड में अपने प्राणों का बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि गत वर्ष इस त्रासदी के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में जलियांवाला बाग राष्ट्रीय स्मारक के दर्शन कर अमर बलिदानियों की स्मृति को नमन करने का सौभाग्य मिला था।

वेंकैया ने कहा कि जालियांवाला बाग स्वाधीनता के लिए किए गए कितने ही महान बलिदानों का साक्षी है। इस त्रासदी ने विदेशी सत्ता के अमानवीय अत्याचारी चरित्र को उजागर किया। देशवासियों विशेषकर युवाओं से आग्रह करता हूं कि वे ऐसे राष्ट्रीय स्मारक के दर्शन करें, अमर बलिदानियों के त्याग, साहस और संकल्प की प्रेरणा लें। उन्होंने कहा हम अपने अतीत से सीखें और एक उज्ज्वल भविष्य के लिए साझा प्रयास करें। स्वाधीनता आंदोलन के वीरों की स्मृति में यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट संदेश में कहा, ‘मैं आज ही के दिन जलियांवाला बाग में निर्दयता से मारे गए शहीदों को नमन करता हूं। हम उनके साहस और बलिदान को कभी नहीं भूलेंगे। भारतीयों को उनकी वीरता आने वाले अनेक वर्षों तक प्रेरित करेगी।’  प्रधानमंत्री ने ट्विटर पर जलियांवाला बाग स्मारक की अपनी पूर्व यात्रा की एक तस्वीर भी साझा की। 

उल्लेखनीय है कि वर्ष 1919 में वैशाखी के दिन जलियांवाला बाग हत्याकांड को अंग्रेजों ने अंजाम दिया था। जनरल डायर के नेतृत्व में ब्रिटिश सेना ने निहत्थे लोगों की शांतिपूर्ण सभा पर अंधाधुंध गोलीबारी कर एक हजार से अधिक लोगों की हत्या कर दी थी।