सीएम योगी ने कोटा से वापस आए छात्र-छात्राओं से संवाद कर दी ये सलाह

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लखनऊ :- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजस्थान के कोटा से वापस आए प्रदेश के छात्र-छात्राओं से मंगलवार को वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद स्थापित करते हुए उनका हाल-चाल लिया।

कोरोना योद्धा के रूप में घर में रहकर निर्देशों का करें पालन

मुख्यमंत्री ने इन विद्यार्थियों से होम क्वारण्टीन का पूरी तरह पालन करने, कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने तथा ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली के माध्यम से भविष्य को उज्ज्वल बनाने के सम्बन्ध में सामान्य चर्चा की।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ऑनलाइन पाठ्यक्रम की व्यवस्था की है, जिससे छात्र घर बैठकर अपना पाठ्यक्रम पूरा कर सकें। उन्होंने छात्रों को इसका उपयोग करने की सलाह दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे और आगे बढ़ाया जा रहा है। हम विस्तृत कार्य योजना बना रहे हैं। उन्होंने छात्रों से कहा कि वह कोरोना योद्धा के रूप में घर बैठकर सभी निर्देशों का पालन करें तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। आप सभी के सहयोग से इस लड़ाई में भारत को जीत मिलेगी।

महाशक्ति कहने वाले देशों की स्थिति से सभी वाकिफ

मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां भी सावधानी हटी,व्यक्ति संक्रमण की चपेट में आ गया। जहां लापरवाही बरती गई, वहां संक्रमण तेजी से फैल गया। दुनिया में 200 से अधिक देश कोराना का शिकार हुए हैं। बड़ी ताकतें, जो खुद को सर्वशक्तिमान, महाशक्ति कहते थे, उनकी आज क्या स्थिति है, वह किस प्रकार की मुद्रा में हैं, सब जानते हैं। अमेरिका में 10 लाख से अधिक लोग कोरोना के संक्रमण की चपेट में हैं और 56,000 से अधिक मौतें हो चुकी हैं। स्पेन में 2,25000 से अधिक लोग चपेट में हैं और 22,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इटली में 2,00,000 संक्रमित और 27,000 की मौत हो चुकी है। फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, टर्की और ईरान की भी ऐसी स्थिति है।

प्रधानमंत्री मोदी के समय रहते उठाये कदमों से मिली मदद

उन्होंने कहा कि देश में 135 करोड़ आबादी की सुरक्षा और उत्तम स्वास्थ्य के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने समय रहते कदम उठाये। मार्च के पहले सप्ताह में ही अलर्ट जारी कर दिया गया। होली के समारोह स्थगित कर दिये गये। तभी से सतर्कता की अपील की जाने लगी। 22 मार्च को जनता कर्फ्यू लगाया गया। 25 मार्च से लॉकडाउन है। इस वजह से काफी बड़ी मात्रा में संक्रमण फैलने से बचाने में मदद मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के खिलाफ प्रभावी लड़ाई में हम सभी का दायित्व है। यह लड़ाई व्यक्ति की नहीं देश की है। संकीर्णता से ऊपर उठने की जरूरत है।

उप्र में मार्च के पहले सप्ताह से ही अलर्ट, लॉकडाउन का हुआ पालन

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने भी कोरोना के खिलाफ लड़ाई में सभी आवश्यक कदम उठाये हैं। मार्च के पहले सप्ताह में यहां भी अलर्ट घोषित किया गया। होली समारोह स्थगित कर दिये गये। इसकी वजह से उत्तर प्रदेश को कोरोना से बचाने में काफी सफलता मिली है। हालांकि चैलेंज बना हुआ है। उन्होंने कहा कि 16 जनपदों में 23 मार्च से ही लॉकडाउन की कार्रवाई की गई, जो अभी भी जारी है। इससे लोगों को तात्कालिक परेशानी हो रही है। लेकिन, बेहतर भविष्य और उत्तम स्वास्थ्य के लिए इसे स्वीकार कर सहभागी बनें।

डेढ़ महीने में 06 लाख से अधिक कामगार उप्र लौटे

मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के तीसरे दिन ही सबसे बड़ी चुनौती अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश के लिए लोगों के पैदल निकल पड़ने के रूप में मिली। इन्हे सुरक्षित तरीके से लाकर क्वारंटाइन में रखना, भोजन आदि का प्रबन्ध किया गया। पहले चरण में 04 लाख से अधिक लोग आये और सभी को विभिन्न स्थानों में सुरक्षित तरीके से पहुंचाया गया। वहीं डेढ़ महीनों में 06 लाख से अधिक कामगारों को विभिन्न जनपदों में पहुंचाया गया। कोई संक्रमित नहीं हुआ।

कोटा-प्रयागराज से छात्र और हरियाणा से कामगारों को लाये वापस

उन्होंने कहा कि दूसरी चुनौती में कोटा से 11500 से अधिक छात्रों को सुरक्षित तरीके से लाने के लिए कार्य योजना बनाई गई। बहुत जगह इसका विरोध भी हुआ। लेकिन, राजस्थान सरकार से बात की गई और छात्रों को वापस लाया गया। इसी तरह हरियाणा से 11,000 से अधिक कामगारों को वापस लाया जा चुका है। अन्य जगहों से भी चरणबद्ध तरीके से लोगों को सुरक्षित लाया जायेगा। दो दिनों में प्रयागराज से 10,000 से अधिक छात्र-छात्राओं को उनके गृह जनपदों में भेजा गया।