फतेहाबाद : जियो फेन्सिंग अटेंडेंस सिस्टम का एनएचएम कर्मचारियों ने किया विरोध, सीएमओ को सौंपा ज्ञापन

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फतेहाबाद : जियो फेन्सिंग अटेंडेंस सिस्टम का एनएचएम कर्मचारियों ने किया विरोध, सीएमओ को सौंपा ज्ञापन

फतेहाबाद, 28 जनवरी (हि.स.)। प्रदेश में एनएचएम कर्मचारियों पर जियो फेसिंग अटेंडेंस सिस्टम लागू करने के तुगलकी फरमान का स्वास्थ्य कर्मचारी संघ हरियाणा सम्बंधित भारतीय मजदूर संघ ने कड़ा विरोध किया है। इसको लेकर संघ का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को प्रदेश अध्यक्ष विपिन शर्मा के नेतृत्व में सिविल सर्जन फतेहाबाद से मिला और उन्हें एनएचएम मिशन निदेशक के नाम ज्ञापन सौंपकर जियो फेन्सिंग अटेंडेंस सिस्टम लागू करने पर असहमति जताते हुए इस निर्णय को तुरंत वापस लेने की मांग की है। इस अवसर पर डॉ. विष्णु मित्तल, पूनम, विमल, कपिल, सुशील, नरेश, कुलदीप, राजेंद्र जांगड़ा, सुनील, वीना, संदीप बोरा, सतबीर आदि कर्मचारी मौजूद रहे। संघ के प्रदेशाध्यक्ष विपिन शर्मा ने बताया कि पिछले कई वर्षों से एनएचएम कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। एनएचएम कर्मचारियों की मांगों को पूरा करना तो दूर दिन- प्रतिदिन कर्मचारी विरोधी पत्र विभाग द्वारा जारी किए जा रहे है, जिससे प्रदेशभर के एनएचएम कर्मचारियों में रोष व निराशा है। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो हरियाणा सरकार आये दिन प्रदेश की जनता को नये लाभ दे रही है, दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं दे रहे एनएचएम कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। सीएम और स्वास्थ्य मंत्री द्वारा लागू सेवा नियमों को पूरी तरह फ्रीज कर दिया गया है। कर्मचारियों के 5 वर्ष और 10 वर्ष के ऊपर मिलने वाले लाभों को रोक दिया है और जिनको 26 जून 2024 के बाद वेतन वृद्धि मिली थी, उसे भी वापिस ले लिया है। कर्मचारियों को वार्षिक वेतन वृद्धि तथा महंगाई भत्ते की किस्तें भी नहीं दी जा रही। हाईकोर्ट के आदेशों के बाद भी एनएचएम कर्मचारियों को मेडिकल कैशलेस सुविधा नहीं मिल रही और न ही सातवें वेतन आयोग का लाभ नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने की बजाय एनएचएम कर्मचारियों के उत्पीडऩ की मंशा से विभाग ने अब इन कर्मचारियों पर जियो फेन्सिंग अटेंडेंस सिस्टम लागू करने का प्रयास कर रहा है जबकि प्रदेश के किसी भी विभाग में यह सिस्टम लागू नहीं है। हरियाणा सिविल मेंिडकल एसोसिएशन ने भी इसका विरोध किया है। विपिन शर्मा ने कहा कि इस प्रणाली में कर्मचारी को मोबाईल डाटा एपलीकेशन के आधार पर ट्रेक किया जाएगा जोकि निजता के अधिकार का उल्लंघन है।