लुधियाना में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों का एक और गंभीर मामला सामने आया है। एक बहू, सुखजीत कौर, जिसका ससुराल वालों ने बेटी के जन्म के चलते जिंदा जलाने का बेहद निंदनीय कृत्य किया, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। यह घटना दो दिन पहले थाना सिंधवा बेट के गांव सवद्दी कला में हुई, जहां पर सुखजीत की बड़ी बहन सुमनप्रीत कौर ने इस मामले की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने अब तक आरोपी पति गुरप्रीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसकी सास और ससुर की खोजबीन जारी है।
सुमनप्रीत ने बताया कि सुखजीत की शादी 9 साल पहले गुरप्रीत सिंह, जो एक टेम्पो ड्राइवर है, से हुई थी। शादी के एक वर्ष बाद सुखजीत ने एक बेटी, गुरनूर, को जन्म दिया, जो अब 8 साल की है। बेटी के जन्म को लेकर ससुराल वालों की नाराजगी की कहानी कोई नई नहीं है, लेकिन इस बार मामला इतना गंभीर हो गया कि उसकी जान पर बन आई। सुमनप्रीत को मुल्लापुर के पंडोरी नर्सिंग होम से सूचना मिली कि उनकी बहन के आग से झुलसे हुए हालत में अस्पताल लाया गया है।
अभी की स्थिति में, सुखजीत कौर दयानंद मेडिकल कॉलेज में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। चौकी भूदड़ी के इंचार्ज और जांच अधिकारी एएसआई दलजीत सिंह का कहना है कि पीड़िता इतनी गंभीर हालत में है कि वह अपने बयान देने की स्थिति में नहीं है। यही कारण है कि इस केस में और जानकारी निकालने की प्रक्रिया थोड़ी जटिल हो गई है।
यह घटना समाज में व्याप्त महिलाओं के प्रति हिंसा की एक और घिनौनी मिसाल प्रस्तुत करती है। विभिन्न महिला संगठन और अधिकारिता की संस्थाएं इस तरह के मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए ससुराल वालों और खासकर पति की पृष्ठभूमि की जांच का आग्रह कर रही हैं। समाज में बेटियों के जन्म को लेकर ऐसी सोच के खिलाफ एक ठोस संदेश देना आवश्यक है, ताकि भविष्य में किसी और महिला के साथ ऐसा न हो।
अभी पुलिस इस मामले की तहकीकात कर रही है और आरोपी सास-ससुर की तलाश जारी है। साथ ही, मामले बेहद संवेदनशील है, इसकी जांच के लिए और भी ठोस कदम उठाए जाने की जरूरत है। पुलिस का कहना है कि उन्हें भरोसा है कि वे जल्द ही दूसरे आरोपियों को पकड़ लेंगे। सुखजीत के मामले ने समाज के उन काले पहलुओं को उजागर किया है, जिन्होंने इस समस्या को जटिल बना दिया है। इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन को भी महिला सुरक्षा और अधिकारिता के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता स्पष्ट हो गई है।