पंजाब के पटियाला जिले से एक बेहद गंभीर और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें आवारा कुत्तों ने एक छोटे बच्चे पर जानलेवा हमला कर दिया। यह घटना नाभा के गांव ढींगी में हुई, जहाँ रविवार की शाम को 10 से अधिक आवारा कुत्तों के एक झुंड ने 9 वर्षीय शिवम पर हमला कर दिया। कुत्तों ने बच्चे को इतनी गंभीरता से निशाना बनाया कि उसे औसतन चोटें आईं और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी जान चली गई। शिवम का परिवार खेतों में मजदूरी करने वाला श्रमिक है, और यह घटना उनकी जिंदगी पर एक बड़ी विपदा बनकर आई है।
रविवार की शाम, जब शिवम अपने गांव के आस-पास खेल रहा था, तभी अचानक एक झुंड में आए कुत्तों ने उसे घेर लिया और बेरहमी से हमला कर दिया। स्थानीय लोग जब तक उसकी मदद के लिए पहुंचे, तब तक काफी देर हो चुकी थी। कुत्तों की आक्रामकता ने शिवम को गंभीर रूप से जख्मी कर दिया और उसके परिजनों ने उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया, जिससे परिवार में शोक की लहर दौड़ पड़ी।
यह मामला केवल एक बच्चे के लिए नहीं, बल्कि पूरे समुदाय के लिए एक चेतावनी है। आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और उनके आक्रामक व्यवहार ने लोगों के जीवन को खतरे में डाल दिया है। स्थानीय निवासियों का मानना है कि यदि समय पर आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में इस तरह के हादसे और भी बढ़ सकते हैं। इसे देखते हुए अब स्थानीय प्रशासन से यह मांग उठ रही है कि आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान में तेजी लाई जाए।
समाज के विभिन्न वर्गों के लोग इस घटना के बाद से आवारा कुत्तों के प्रति कड़े कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं। कुछ लोग तो यहां तक कह रहे हैं कि झुंड में रहने वाले कुत्तों की स्थिति को बेहतर करते हुए, उन्हें सुरक्षित रूप से गांवों से हटाया जाना चाहिए। यह सभी घटनाएं न केवल चिंताजनक हैं, बल्कि यह भी दर्शाती हैं कि कैसे जानवरों के अधिवास और मानव निवास की रेखाएं धुंधली होती जा रही हैं।
आवारा कुत्तों की समस्या को हल करने के लिए जरूरी है कि लोग सरकार और स्थानीय प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग करें। साथ ही यह भी आवश्यक है कि लोग अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जागरूक रहें। किसी भी स्थिति में, यह घटना एक बड़ी त्रासदी है और समाज को इससे सबक लेना होगा ताकि हम सभी के लिए एक सुरक्षित और सुरक्षित वातावरण तैयार किया जा सके।