मोहाली में महिला से 8.81 लाख की ठगी: फर्जी फ्लैट दिखाकर बाउंस चेक थमाया!

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मोहाली में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक रियल एस्टेट कंपनी की महिला मालिक ने एक पीड़िता से 8.81 लाख रुपये की ठगी की। यह घटना सनी एन्क्लेव सेक्टर-123 की है, जहां आरोपी ने प्रिंस एरियो होम सोसाइटी में एक फ्लैट को अपने नाम बताकर धोखाधड़ी की है। पीड़िता, जगजीत कौर ने 25 लाख रुपये में फ्लैट खरीदने का समझौता किया था, लेकिन आरोपी ने उसे बेवकूफ बनाकर भारी रकम ठग ली।

यह ठगी अगस्त 2023 से दिसंबर 2023 के बीच कई किस्तों में हुई। पीड़िता से शुरुआती तौर पर 51 हजार रुपये टोकन मनी के रूप में लिए गए, इसके बाद अगस्त में 4.49 लाख रुपये और उसके बाद हर महीने एक लाख रुपये वसूल किए गए। इसके साथ ही, पीड़िता को बैंक लोन कराने के नाम पर अतिरिक्त 72,900 रुपये की मांग की गई थी। जब पीड़िता अपने सपने के फ्लैट को देखने गई, तब उसे पता लगा कि वहां पहले से ही कोई अन्य परिवार निवास कर रहा है, जिससे उसकी धोखाधड़ी का पर्दाफाश हुआ।

जगजीत कौर ने आरोपी के खिलाफ शिकायत की तो आरोपी ने उसे 8.81 लाख रुपये का चेक दिया। लेकिन यह चेक दो बार बाउंस हो गया। केवल 60 हजार रुपये लौटाकर आरोपी ने शेष राशि लौटाने से इन्कार कर दिया। इस मामले का खुलासा होते ही एसएसपी मोहाली, दीपक पारीक को शिकायत भेजी गई। उनकी निर्देशानुसार, थाना सदर खरड़ पुलिस ने आरोपी नेहा शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने जानकारी दी है कि मामले की जांच गहरे स्तर पर की जा रही है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तत्काल कार्रवाई की जा रही है।

यह घटना इस बात को दर्शाती है कि रियल एस्टेट में धोखाधड़ी का खतरा कितना बढ़ गया है। नागरिकों को ऐसी स्थितियों से बचने के लिए सतर्क रहने और किसी भी सटीक जानकारी की जांच करने की आवश्यकता है। पुलिस की कार्रवाई इस प्रकार की घटित घटनाओं के प्रति दर्शकों को जागरूक करने का काम करेगी। इसके अलावा, यह भी दर्शाता है कि धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ सख्द कार्रवाई की जाएगी, ताकि पेशेवर लोगों का भरोसा बढ़े और ऐसे मामलों में सख्ती से निपटा जा सके।

इस घटनाक्रम से स्पष्ट है कि आस-पास के क्षेत्र में संपत्ति के लेन-देन में सावधानी बरतनी चाहिए। जनसाधारण को सलाह दी जाती है कि वह किसी भी संपत्ति का सौदा करते समय आवश्यक सावधानियां बरतें, जैसे कि प्रॉपर्टी का के दस्तावेजों की जाँच करना और उसमें रहने वाले लोगों की पुष्टि करना। इस प्रकार, किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचाव किया जा सकता है। पुलिस अपनी कारवाई करके समाज में सुरक्षित वातावरण बनाने का प्रयास कर रही है।