कपूरथला में आयोजित नगर कीर्तन के दौरान एक गंभीर घटना का मामला सामने आया है, जहां ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री संत घाट साहिब से निकाले गए नगर कीर्तन में तलवार चले गए। यह घटना सुल्तानपुर लोधी के चौक चेलियां के पास हुई, जहां गतका प्रदर्शन कर रहे एक युवक पर कुछ लोगों ने तेजधार हथियारों और तलवार से हमला किया। इस हिंसक घटना में मीरी पीरी गतका अखाड़े के सदस्य सुमित सिंह को गंभीर चोटें आई हैं। इस हमले का सीसीटीवी फुटेज अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सुमित सिंह ने नगर कीर्तन के दौरान कुछ युवकों को जूते पहनकर शामिल नहीं होने के लिए विनम्रता से कहा था। इस मांग पर उन युवकों ने गाली-गलौज शुरू की और अचानक अपने साथियों के साथ मिलकर सुमित पर हमला कर दिया। हमले के समय यह भी देखा गया कि सुमित के केसों और दाढ़ी का भी अपमान किया गया। नगर कीर्तन का आयोजन श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के चार साहिबजादों, माता गुजर कौर जी, और शहीदों की याद में किया गया था, जो इस घटना की गंभीरता को और बढ़ाते हैं।
इस मुद्दे पर आरोपों के बारे में बात करते हुए, दूसरे पक्ष के व्यक्ति रोहन हंस ने कहा कि वह बाजार में सामान खरीदने गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां एक सिख युवक ने उनसे तेज आवाज में बात की और कहा कि उन्हें बाइक साइड में लगाना चाहिए। जब उन्होंने विनम्रता से जवाब दिया, तो वह युवक गाली देने लगा, जिसके बाद उसके अन्य साथी भी शामिल हो गए और उन पर हमला कर दिया। रोहन ने स्पष्ट किया कि उन पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद और झूठे हैं।
इस हिंसक घटना की गंभीरता को देखते हुए सुल्तानपुर लोधी थाना के एसएचओ हरगुरदेव सिंह ने कहा कि घायल सुमित सिंह के बयान पर तुरंत कार्रवाई करते हुए 6 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उन आरोपियों में रोबिन हंस, रॉबिन लाहोरिया और रोहन लहरिया शामिल हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने नगर कीर्तन के आयोजन पर सवाल उठाए हैं और समाज में शांति बनाए रखने की आवश्यकता को भी उजागर किया है, ताकि भावनाओं को ठेस ना पहुंचे और सांस्कृतिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित हो सकें।
अंत में, यह घटना न केवल एक व्यक्तिगत हमले का मामला है, बल्कि यह युवाओं के बीच बढ़ती असहमति और अराजकता का भी प्रतीक है। इस प्रकार की घटनाएं समाज के लिए चिंता का विषय बन जाती हैं और धार्मिक आयोजनों के दौरान शांति और सहिष्णुता का प्रचार करना आवश्यक है। पुलिस की कार्रवाई के बाद उम्मीद की जा रही है कि न्याय जल्द दिया जाएगा और आरोपी कानून के दायरे में आएंगे।
