पंजाब: DC ऑफिस कर्मचारी हड़ताल टालने को तैयार, सरकार से वार्ता की उम्मीद!

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पंजाब के जालंधर में डीसी ऑफिस के साथ-साथ अन्य जिलों में बुधवार से पेन डाउन हड़ताल का आयोजन किया गया था। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते प्रशासन ने उनके साथ संवाद को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। इस बातचीत के परिणामस्वरूप, निर्धारित तीन दिवसीय हड़ताल को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है। यदि हड़ताल जारी रहती, तो इससे पांच दिनों तक कामकाज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता था। कर्मचारी यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष, तेजिंदर सिंह नंगल ने कहा था कि सरकार उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है, जिसके कारण हड़ताल का निर्णय लिया गया था।

कर्मचारियों ने अपनी मांगों में स्पष्ट रूप से यह उल्लेख किया कि डीसी कार्यालयों में वरिष्ठ सहायक के पद पर पदोन्नति के अवसर अत्यधिक सीमित हैं। उन्हें शिकायत है कि नौकरी में आने के बाद वरिष्ठ सहायक के पद पर प्रमोशन होने में लगभग 27 से 28 वर्षों का समय लग जाता है। इसलिए, उन्होंने सरकार से अनुरोध किया है कि वरिष्ठ सहायक के पद के लिए पदोन्नति कोटा बढ़ाकर 100% किया जाए। इसके अलावा, उन्होंने एसडीएम कार्यालयों में अधीक्षक ग्रेड-2 के पदों की नियुक्ति को लेकर भी मांगें रखी हैं। उनका कहना है कि इन पदों को वरिष्ठ सहायकों से ही पर पदोन्नत किया जाना चाहिए, और इससे संबंधित नियमों में संशोधन किया जाना चाहिए।

कर्मचारी यूनियन ने यह भी कहा है कि जालंधर और अन्य जिलों के डीसी, एसडीएम, तहसील, और उप-तहसील कार्यालयों में यदि कोई पद सृजित नहीं हुए हैं, तो उन पदों की सृजन की प्रक्रिया को शुरू किया जाना चाहिए। इसके अंतर्गत, कर्मचारियों को 5 प्रतिशत प्रशासनिक भत्ता देने की भी मांग की गई है। साथ ही, कई अन्य मांगें भी हैं, जिन्हें यूनियन सरकार से पूरा करवाना चाहती है।

हड़ताल की योजना को देखते हुए सरकारी प्रशासन ने सकारात्मक संकेत दिए हैं और उन्होंने इसे एक मौका माना है, जिससे कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान निकाला जा सके। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इन मांगों पर कितनी गंभीरता से ध्यान देती है और कर्मचारियों के प्रति क्या कदम उठाए जाते हैं। यदि सरकार सकारात्मक कदम उठाएगी, तो कर्मचारियों का विश्वास बढ़ेगा और भविष्य में इस तरह के कदम उठाने से रोका जा सकेगा।

कर्मचारियों की हड़ताल से जुड़े मुद्दों को ऐसे हल करने की आवश्यकता है, जिससे उनको दीर्घकालिक समाधान मिले। यह ना केवल कर्मचारियों के लिए, बल्कि प्रशासन के लिए भी आवश्यक है कि वे इन समस्याओं का समय पर समाधान निकालें ताकि कार्यक्षेत्र में स्थिरता बनी रहे।