कपूरथला के ढिलवां क्षेत्र में हाईटेक नाके पर पुलिस ने एक बड़ी सफलतापूर्वक कार्रवाई करते हुए दो नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी उस वक्त हुई जब एक क्रूज कार, जो अमृतसर से आ रही थी, की बडी सटीकता के साथ जांच की जा रही थी। पुलिस ने जांच के दौरान कार में से 50 ग्राम हेरोइन बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमृतसर के जंडियाला क्षेत्र के अमरकोट निवासी, हैप्पी और जसकरण दीप सिंह के रूप में हुई है। वर्तमान में उन्हें कोर्ट में पेश किया गया है, जहां से उन्हें तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
इस कार्रवाई का नेतृत्व एएसआई दीपक कुमार कर रहे थे। उन्होंने बताया कि जब उनकी टीम वाहनों की जांच कर रही थी, तभी उन्होंने क्रूज कार को संदेह के आधार पर रोकने का निर्णय लिया। पुलिस को देखकर आरोपियों ने रोड किनारे एक मोमी लिफाफा फेंक दिया, जिससे हेरोइन बरामद हुई। यह घटना पुलिस की सतर्कता और नशे के खिलाफ उनकी निरंतर लड़ाई का परिचायक है। पुलिस ने नशे की सप्लाई चेन का पता लगाने के लिए आरोपियों से गहन पूछताछ शुरू की है।
ढिलवां थाना के एसएचओ, एसआई मनजीत सिंह ने इस मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ पुलिस का अभियान जारी है, और इस गिरफ्तारी से नशे की अवैध डिलीवरी पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। पुलिस टीम ने यह भी बताया कि आरोपी पहले से ही संगठित नशे के कारोबार में शामिल हो सकते हैं।
सरकार और पुलिस की ओर से नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों के बीच, यह गिरफ्तारी एक अद्वितीय उपलब्धि है। पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि यह नशा किस स्रोत से आया और इसके बैकग्राउंड में कौन से लोग काम कर रहे हैं। इस तरह की कार्रवाई न केवल स्थानीय समुदाय को सुरक्षित बनाने में मदद करेगी, बल्कि यह नशे के गंभीर प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाने में भी सहायक सिद्ध होगी।
अंत में, पुलिस ने स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे नशे के खिलाफ अपनी आवाज उठाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि के बारे में तुरंत सूचना दें। यदि समुदाय सक्रियता से इस मुद्दे से जुड़ता है, तो निश्चित तौर पर नशे के खिलाफ लड़ाई में और भी अधिक सफलता प्राप्त की जा सकती है। पुलिस का यह प्रयास न केवल तस्करों को पकड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह एक मजबूत संदेश भी भेजता है कि नशा तस्करी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।