पंजाब की रजिस्ट्रियों पर संकट: राजस्व अधिकारी संघ ने दी हड़ताल की धमकी!

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पंजाब में राजस्व अधिकारी संघ ने अपनी मांगों के समर्थन में गंभीर कदम उठाने का ऐलान किया है। संघ ने 14 जनवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। इस हड़ताल का मुख्य कारण संघ के अध्यक्ष सुखचरण सिंह चन्नी की कथित अवैध गिरफ्तारी और सरकार की नीतियों के प्रति उपेक्षा है। संघ का स्पष्ट कहना है कि सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है, और बार-बार की वार्ताओं के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है।

संघ के अध्यक्ष सुखचरण सिंह चन्नी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि सरकारी अधिकारियों के साथ उनकी कई बार चर्चाएं हुई हैं, लेकिन किसी भी कदम को उठाने में वे अनसुने रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी गिरफ्तारी एक सुनियोजित साजिश है, जिसका उद्देश्य संघ के सदस्यों को दबाना है। चन्नी ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर उनकी मांगों पर 17 जनवरी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो वे अपने वादे पर खरे उतरते हुए 14 जनवरी से हड़ताल पर चले जाएंगे। इससे स्पष्ट होता है कि संघ इस बार बहुत गंभीर स्थिति में है।

इस हड़ताल का व्यापक असर होगा, क्योंकि इससे पंजाब में रजिस्ट्रियों और भूमि रिकॉर्ड से जुड़े सभी कार्य पूरी तरह से ठप हो जाएंगे। इससे न केवल आम जनता को बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी गहरा नुकसान होगा। राजस्व अधिकारियों ने यह भी कहा है कि उनकी मांगें न केवल उनके अपने हितों से संबंधित हैं, बल्कि बेहतर सेवाएं जनता को देने के लिए भी इन मुद्दों का समाधान करना अत्यंत आवश्यक है।

गौरतलब है कि पिछले वर्ष 27 नवंबर को बरनाला विजिलेंस ने उत्कर्ष चन्नी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ने का दावा किया था। इसके बाद, प्रदेश भर के राजस्व अधिकारियों ने 28 और 29 नवंबर को सामूहिक अवकाश लिया था और विरोध प्रदर्शन किया था। लेकिन इस बार खड़े हुए माहौल से ऐसा लगता है कि राजस्व अधिकारियों ने ठान लिया है कि अगर सक्रीय रूप से मामले को वापस नहीं लिया गया तो पूरे पंजाब में रजिस्ट्रियों और अन्य संबंधित कार्य अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।

इस स्थिति ने सरकार और राजस्व अधिकारियों के बीच का विवाद और भी गहरा कर दिया है। सभी की निगाहें अब 17 जनवरी की ओर हैं, जब यह स्पष्ट होगा कि इन मांगों पर सरकार की प्रतिक्रिया क्या होती है। अगर समाधान नहीं मिलता है, तो पंजाब में प्रशासनिक कार्यों में एक बड़ी रुकावट देखने को मिल सकती है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होगा। इस पूरे मामले पर नजर रखना आवश्यक है, क्योंकि इससे समाज के विभिन्न वर्गों पर प्रभाव पड़ सकता है।