पत्नी ने पति की सुपारी देकर रची साजिश: प्रेमी समेत 3 गिरफ्तार, अवैध पिस्टल बरामद!

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पंजाब के पटियाला में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला ने अपने पति के साथ अवैध संबंधों की कहानी में ऐसी दरिंदगी की हदें पार कीं कि उसने अपने पति की हत्या करने के लिए एक साजिश रची। यह घटना तब हुई जब महिला ने अपने प्रेमी को अपने पति की जान लेने के लिए 5 लाख रुपए की सुपारी दी। इससे न केवल कानून को चुनौती दी गई, बल्कि रिश्तों में भरोसे को भी गंभीर धक्का लगा है। महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर एक ऐसे हमले की साजिश रची, जिसका परिणाम भयावह साबित हुआ।

इस मामले की जानकारी देते हुए पटियाला कोतवाली के एसएसपी डॉ. नानक सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि पुलिस ने आरोपी महिला, उसके प्रेमी और एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी महिला मनप्रीत कौर (32 वर्ष), हरसिमरनजीत सिंह गोरा (25 वर्ष) और करन सिंह उर्फ निखिल (22 वर्ष) की पहचान की गई है। तीनों से पूछताछ के बाद पुलिस ने दो पिस्टल, 10 कारतूस और एक बाइक भी बरामद की है। यह सबूत इस मामले की गंभीरता को दर्शाते हैं, जिसमें रिश्ते के नाम पर कृतघ्नता की एक अविश्वसनीय मिसाल पेश की गई है।

एसएसपी ने साफ किया कि महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पहले 1.55 लाख रुपए का फंड जुटाया, जिसमें से एक बड़ी राशि करन सिंह को दी गई। करन ने उत्तर प्रदेश से अवैध हथियार लाने की जिम्मेदारी ली और फिर महिला के पति बलजिंदर सिंह पर हमले की योजना को अंजाम दिया। इस दौरान बलजिंदर सिंह को उसकी पत्नी ने अपने प्रेमी को फोन करके बताया थी कि वह दोस्तों के साथ शराब पीने गया है। इस सूचना का फायदा उठाते हुए प्रेमी ने करन सिंह के जरिए फायरिंग करवाई, जिससे बलजिंदर गंभीर रूप से घायल हो गया।

हालांकि, फायरिंग के दौरान बलजिंदर की जान तो बच गई, लेकिन उसके दोस्त पाला सिंह की आंखों को गहरा नुकसान पहुंचा, और उसकी दोनों आंखों की रोशनी चली गई। यह घटना न केवल एक व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करती है, बल्कि समाज में व्याप्त ऐसी कुरीतियों पर भी सवाल उठाती है। इस मामले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि निजी रिश्ते भी कभी-कभी कितने जटिल और खतरनाक हो सकते हैं।

पुलिस ने सभी तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, और मामले की विस्तार से छानबीन की जा रही है। इस मामले की जटिलताओं और उसके घातक परिणामों ने पूरे इलाके में ही नहीं, बल्कि राज्य में सुरक्षा संबंधी चिंताओं को भी जन्म दिया है। ऐसे में, यह जरूरी है कि समाज में ऐसे मामलों को रोकने के लिए जागरूकता बढ़ाई जाए और परिवारों के भीतर संवाद को प्रोत्साहित किया जाए।