पंजाब सरकार ने आज खन्ना में उद्योग एवं पंचायत मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंध के नेतृत्व में पहले वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का उद्घाटन किया। यह परियोजना ‘मिशन क्लीन’ के अंतर्गत संचालित की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य शहर को कूड़ा और गंदगी मुक्त बनाना है। इस नई पहल के तहत खन्ना शहर में कहीं भी कूड़े के ढेर नजर नहीं आएंगे, और इसे साफ-सुथरा बनाना संभव होगा। इस परियोजना के तहत, खन्ना नगर कौंसिल के सभी 33 वार्डों में डोर टू डोर कलेक्शन की प्रक्रिया लागू की जाएगी।
कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सौंध ने जानकारी दी कि खन्ना नगर कौंसिल के अंतर्गत आने वाले 33 वार्डों में कूड़ा प्रबंधन के लिए टाटा पिकअप वाहनों का इस्तेमाल किया जाएगा। ये वाहन घर-घर जाकर सूखा और गीला कूड़ा एकत्र करेंगे। इसके बाद, एकत्रित कूड़ा वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में भेजा जाएगा, जहां विशेष रूप से इसे सेग्रेगेट किया जाएगा। इस प्रक्रिया के दौरान, खाद तैयार की जाएगी और प्लास्टिक को अलग करके बिजली उत्पादन किया जाएगा। मंत्री ने स्थानीय निवासियों से अनुरोध किया कि वे अपने घरों का सूखा और गीला कूड़ा अलग-अलग लिफाफों में इकट्ठा करें, ताकि प्रबंधन प्रक्रिया में आसानी हो सके।
इसके अलावा, मंत्री सौंध ने यह भी बताया कि गांवों में कूड़े की समस्या को हल करने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने हाल ही में गांवों के विकास के लिए 3 करोड़ रुपये की ग्रांट वितरित की हैं। आने वाले दिनों में और 2.5 करोड़ रुपये की ग्रांट भी दिए जाने की योजना है। गांवों में ठोस और तरल दोनों प्रकार के वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम को लागू किया जा रहा है। इसके तहत, गांवों में पिट्स का निर्माण भी किया जा रहा है, जिससे कूड़े की समस्या का समाधान किया जा सके।
यह पहल न केवल खन्ना शहर के नागरिकों के लिए एक बेहतर व्यवस्था प्रदान करेगी बल्कि आसपास के गांवों में भी स्वच्छता और स्वास्थ्य के लिए एक नई दिशा स्थापित करेगी। इससे न केवल पर्यावरण की चिंता को कम किया जाएगा, बल्कि लोगों के जीवन स्तर में सुधार भी होगा। स्वच्छ भारत मिशन के तहत इस प्रकार की पहल सुनिश्चित करती है कि सभी नागरिक अपने आसपास की सफाई को लेकर सजग और जिम्मेदार बनें।
इस वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के जरिए खन्ना और उसके आसपास के क्षेत्र का पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा। मंत्री सौंध ने यह भी बताया कि इस तरह की योजनायें पंजाब में अन्य क्षेत्रों में भी लागू की जाएंगी, जिससे राज्य में स्वच्छता और विकास की एक नई परिभाषा लिखी जा सके।