मऊगंज जिले के लौर थाना क्षेत्र में एक नाबालिग के अपहरण का आरोप झूठा निकला है। 16 वर्षीय लड़की, जो घटना के दौरान पुलिस की सुरक्षा में थी, ग्रामीणों के दावे की बजाए किसी से भी भागी नहीं है और किसी से भी अवैध संबंध नहीं है।
लड़की ने पहले ही अपने परिवार पर लगाए गए प्रताड़न के आरोपों को शब्दों में प्रकट करने के साथ ही साबित कर दिया है। लड़की का दावा है कि उसके पिता और परिजन उसे मानसिक और शारीरिक रूप से पीड़ित करते हैं। मारपीट उस पर अक्सर होती है।
यह स्थिति इतनी विकट हो गई थी कि लड़की पुलिस थाने लौर पहुँची और एसपी कार्यालय मऊगंज में प्रताड़न की रिपोर्ट दर्ज कराने का प्रयास किया था। घर लौटने पर उसे अपने पिता ने अंदर घर ना जाने दिया, जिसके चलते वे फिर से थाने में पहुँची।
थाना प्रभारी जगदीश सिंह ठाकुर ने बताया कि लड़की के पिता थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने गये थे। इस समय लड़की खुद थाने में पहुँच गई। जब पुलिस लड़की को उसके पिता को सुपुर्द करने वाली थी, तब उन्होंने बेटी को घर ले जाने से मना कर दिया। इन्होंने बेटी को वापस घर ले जाने से मना कर दिया। साथ ही, शक्ति और राजनीतिक दबाव डालकर गुमशुदगी को जारी रखने की कोशिश की।
जिसके चलते इसे बाल सुधार गृह में भेजने का फैसला लिया गया है।