अबोहर: 20 जनवरी को डॉक्टरों की हड़ताल, सरकारी अस्पताल सेवाएं ठप, सुरक्षा भर्ती की मांग!

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अबोहर का सरकारी अस्पताल 20 जनवरी से एक महत्वपूर्ण हड़ताल का सामना करने जा रहा है। यह निर्णय सरकारी डॉक्टरों के संगठन पीसीएमएस एसोसिएशन द्वारा लिया गया है। इस संबंध में एसोसिएशन की बैठक आज डॉ. सुरेश कंबोज की अगुवाई में आयोजित की गई, जहां उन्होंने बताया कि यह निर्णय एसोसिएशन की जनरल बॉडी मीटिंग में लिया गया है। हड़ताल के दौरान अस्पताल में सभी प्रकार की चिकित्सा सेवाएं ठप रहेंगी। एसोसिएशन ने अपने प्रत्यावेदन और मांगों को लेकर 12 जनवरी को मोगा में एक विशेष बैठक का आयोजन किया है, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।

पीसीएमएस एसोसिएशन ने पिछले साल सितंबर में कई दिनों तक हड़ताल की थी, जिसमें उन्होंने डायनामिक एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन, अस्पतालों की सुरक्षा, और डॉक्टरों तथा पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती जैसी मांगों को उठाया था। इस पूर्व हड़ताल के बाद, चार मंत्रियों की एक कैबिनेट कमेटी ने सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया था, साथ ही 2021 से डीएसीपी की बहाली के लिए 12 सप्ताह का समय भी निर्धारित किया गया था। यह सुनिश्चित किया गया था कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के हस्तक्षेप के बाद एसोसिएशन की सभी मांगों पर विचार किया जाएगा, जिसके चलते डॉक्टर फिर से अपने काम पर लौट आए थे।

हालांकि, अब पुनः एसोसिएशन को यह विश्वास है कि उनकी मांगों की उचित सुनवाई नहीं की गई है, जिसके चलते वे एक बार फिर से हड़ताल करने का निर्णय ले रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यदि उनकी माँगों को तुरंत पूरा नहीं किया गया, तो उन्हें फिर से अपनी हड़ताल की कार्रवाई शुरू करनी पड़ेगी। डॉ. सुरेश कंबोज ने स्पष्ट किया कि एसोसिएशन की यह जोरदार चेतावनी है, ताकि सरकारी अधिकारियों की नजर उन गंभीर मुद्दों पर पड़े, जो लगातार डॉक्टरों और स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर रहे हैं।

आगामी हड़ताल का मुख्य उद्देश्य न केवल अपनी मांगों की पूर्ति करना है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि अस्पतालों में मरीजों को उचित और सुरक्षित चिकित्सा सेवाएं मिलें। डॉ. सुरेश कंबोज के अनुसार, यदि सरकारी अस्पतालों की सुरक्षा को सुनिश्चित नहीं किया जाता है और डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया में सुधार नहीं किया जाता है, तो स्वास्थ्य सेवाओं का पूरा ढांचा प्रभावित होगा। इस स्थिति से निपटने के लिए एसोसिएशन का मानना है कि सभी हितधारकों को एकजुट होकर उचित कदम उठाने की आवश्यकता है।

20 जनवरी से शुरू होने वाली इस हड़ताल का व्यापक असर पड़ने की संभावना है। अस्पताल में मरीजों को इलाज नहीं मिल पाएगा, जिससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। एसोसिएशन ने सरकार से अपील की है कि वे उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करें और इस संकट को टालने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। यह हड़ताल केवल डॉक्टरों के लिए नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की एक मुहिम है, जिससे समाज के अन्य वर्गों को भी लाभ होगा।