पंजाब के बठिंडा में रिटायर्ड सब-इंस्पेक्टर ओमप्रकाश की हत्या के मामले में जांच अब तेजी से आगे बढ़ते हुए पुलिस ने मृतक के बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। इस संदिग्ध की पहचान हरसिमरजीत सिंह उर्फ जग्गा के रूप में हुई है, जो एक सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत था। वारदात के समय ओमप्रकाश एक महिला के साथ निवास कर रहा था और अपनी सारी आय उस महिला को सौंप देता था, जो उसके बेटे के लिए कारण बना कि उसने अपने पिता की हत्या को अंजाम दिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह खुलासा हुआ कि मृतक की पत्नी का तीन महीने पहले निधन हुआ था, इसके बाद ओमप्रकाश ने एक मकान पर कर्ज लिया था। हरसिमरजीत को संदेह था कि उसके पिता भी इस कर्ज का पैसा उसी महिला को दे देंगे। डीएसपी सिटी 1 हरबंस सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि 20 दिसंबर 2024 को ओमप्रकाश की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जबकि वह एक दुकान पर खरीदारी करने गया था। हत्या के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था।
साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मृतक की बेटियों, उर्मिला और रेखा, के बयान लिए, जिन्होंने आरोप लगाया कि उनके भाई हरसिमरजीत ने ही अपने पिता की हत्या की है। इसके बाद पुलिस ने मामले में तेजी से कार्रवाई की और हरसिमरजीत सिंह की खोज शुरू की। जानकारी के अनुसार, वह अमरपुरा बस्ती में छिपा हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने उसे उसकी मोटरसाइकिल के साथ गिरफ्तार किया।
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि हत्याकांड में उपयोग की गई बंदूक को उसने मानसा रोड पर एक सुनसान जगह पर छिपा रखा था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने 12 बोर की बंदूक और दो कारतूस भी बरामद किए। इस मामला में डीएसपी हरबंस सिंह ने बताया कि आरोपी को अदालत में पेश किया जाएगा और रिमांड लिया जाएगा ताकि हत्या से जुड़े अन्य तथ्यों का भी खुलासा हो सके।
यह मामला न केवल एक पारिवारिक त्रासदी की कहानी बयां करता है, बल्कि गंभीरता से यह भी संकेत करता है कि किस प्रकार पारिवारिक रिश्तों में दरारें और अविश्वास एक दुस्साहसिक कदम की वजह बन सकते हैं। ऐसे मामलों में पुलिस की तत्परता और तत्क्षण कार्रवाई महत्वपूर्ण रहती है, ताकि अपराधियों को सजा दिलाई जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने पर ध्यान दिया जा सके।