डॉ. धवन ने कहा, जंक फूड से बिगड़ता है पाचन तंत्र, जानिए खतरे!

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अमृतसर| वर्तमान की तेजी से विकसित हो रही जीवनशैली और व्यस्त दिनचर्या के कारण जंक फूड अब हमारे आहार का एक सामान्य हिस्सा बनता जा रहा है। हालांकि इसे खाना स्वादिष्ट और सुविधाजनक लगता है, लेकिन इसके लगातार सेवन से स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकते हैं। खासकर, जंक फूड का अत्यधिक सेवन आंतों की सेहत को गंभीर खतरे में डाल सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना ​​है कि जंक फूड में बहुत अधिक वसा, चीनी, और सोडियम मौजूद होते हैं, जो पाचन तंत्र की क्रियाशीलता को बाधित कर सकते हैं और विभिन्न प्रकार की बीमारियों को जन्म दे सकते हैं।

गैस्ट्रो सर्जन डॉ. रोहित धवन, जो ईएमसी अस्पताल अमृतसर में कार्यरत हैं, ने जंक फूड के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों पर अपनी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि जंक फूड का निरंतर और अत्यधिक सेवन हमारे पाचन तंत्र को कमजोर करता है, जिससे पेट में सूजन, संक्रमण, कब्ज, गैस, तथा पेट दर्द जैसी गम्भीर समस्याएँ प्रकट हो सकती हैं। इस प्रकार के समस्याओं से बचने के लिए, डॉ. धवन ने लोगों से अनुरोध किया कि वे अपने आहार में संतुलन बनाए रखें और नियमित रूप से अपने पाचन तंत्र की जांच कराएं।

ईएमसी अस्पताल का मुख्य उद्देश्य लोगों को जंक फूड के संभावित खतरों के बारे में जागरूक करना और संतुलित आहार के महत्व को समझाना है। अस्पताल नियमित रूप से स्वास्थ्य शिविर और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता है, जिनसे लोग स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने के लिए प्रेरित होते हैं। इन कार्यक्रमों में भाग लेना न केवल स्वास्थ्य को सुधारता है, बल्कि लोगों में जोखिम भरे खानपान के विकल्पों के प्रति भी जागरूकता बढ़ाता है।

जंक फूड के बढ़ते सेवन के चलते स्वास्थ्य समस्याओं की संख्या में भी इजाफा हो रहा है, जिससे गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए हमें सजग रहकर अपने खानपान में बदलाव लाने की आवश्यकता है। यदि हम स्वस्थ और संतुलित आहार का पालन करें, तो हम बुरे स्वास्थ्य से कई हद तक बच सकते हैं।

इसी दिशा में, डॉ. धवन का मानना है कि लोगों को अपने भोजन में ताजे फल, सब्जियाँ, और अनाज शामिल करना चाहिए, ताकि पाचन तंत्र को बेहतर बनाया जा सके। संतुलित आहार न केवल हमारे स्वास्थ्य को बनाए रखता है, बल्कि हमारी जिंदगी की गुणवत्ता में भी सुधार लाता है। इसलिए, यह आवश्यक है कि हम जंक फूड के स्थान पर पौष्टिक भोजन को प्राथमिकता दें।