फरीदकोट के जैतो शहर में एक गंभीर घटना सामने आई है जहां 9वीं कक्षा की छात्रा के साथ एक युवक ने दुष्कर्म किया। 14 वर्षीय पीड़िता ने पुलिस को शिकायत में बताया कि वह अपने माता-पिता के काम पर जाने के बाद घर पर अकेली थी। एक जनवरी को, उसने जैतो के गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने का निश्चय किया। वहाँ उसकी मुलाकात रमनप्रीत सिंह उर्फ बबलू से हुई, जिसके साथ उसका पहले से ही बातचीत का एक छोटा सा इतिहास था।
आरोपी ने छात्रा को अपने झांसे में लेते हुए अपनी कार में बैठने पर मजबूर कर दिया। उसने उसे मुक्तसर रोड पर रजवाहे पुल के नजदीक ले जाकर, उसके साथ बलात्कारी कृत्य किया। छात्रा ने बताया कि वहां पहुंचने के बाद आरोपी ने उसके कपड़े जबरन उतार दिए और उसकी इज्जत को तार-तार कर दिया। इसके बाद, उसने उसे अपने वाहन में ही बैठाकर जैतो के बिजली घर के पास छोड़ दिया और यह धमकी दी कि यदि उसने अपने परिजन या किसी को भी इस मामले की जानकारी दी, तो वह उसे जान से मार देगा।
पीड़िता जब घर वापस पहुंची, तो उसने अपने परिवार को इस क्रूर घटना के बारे में बताया। उसके माता-पिता ने तुरंत उचित कदम उठाया और उसे इलाज के लिए फरीदकोट के गुरु गोविंद सिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया। परिवार की चिंता समझते हुए, पुलिस ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया और तुरंत कार्रवाई शुरू की।
जांच अधिकारी एसएसआई शमशेर सिंह ने बताया कि छात्रा के बयान के आधार पर आरोपी रमनप्रीत सिंह बबलू के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस टीम ने उसके गिरफ्तारी के लिए छापेमारी का अभियान शुरू कर दिया है और उम्मीद जताई जा रही है कि आरोपी को शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यह मामला न केवल पीड़िता के लिए बल्कि समाज के लिए भी एक बड़ी चेतावनी है, कि ऐसे घिनौने कृत्यों को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए सभी प्रयास किए जाएंगे।
स्थानीय सांसद और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी घटना की निंदा की है और मांग की है कि इस तरह के अपराधों के खिलाफ सख्त कानून और सशक्त कदम उठाए जाएं। बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों को खत्म करने के लिए समाज में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है, ताकि ऐसी घटनाएं भविष्य में फिर से न हों। इस मामले की जांच तेजी से चल रही है और पीड़िता के परिजनों को हर संभव मदद मुहैया कराने का आश्वासन दिया गया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि कानून और समाज, दोनों ही ऐसे अपराधों के खिलाफ एकजुट हैं।