पंजाब के तरनतारन जिले में पुलिस ने गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया और उसके पांच सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। इन बदमाशों के पास से करीब चार अवैध हथियार बरामद किए गए हैं, जिनमें से एक 9 एमएम का अमेरिकन मेड पिस्टल भी शामिल है। पुलिस ने सभी आरोपियों को रिमांड पर लेकर उनसे पूछताछ शुरू कर दी है। जांच में पता चला है कि ये सभी टारगेट किलिंग की योजना बना रहे थे, लेकिन पुलिस ने समय रहते उन्हें पकड़ लिया।
हाल के दिनों में तरनतारन में हुई टारगेट किलिंग में शामिल एक शूटर से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी भी सामने आई है। पंजाब पुलिस के पास इस मामले की जांच के लिए कई तथ्य उपलब्ध हैं, जिसके आधार पर यह प्रयास किया जा रहा है कि पता लगाया जा सके कि जग्गू भगवानपुरिया और उसके साथी और कितने सदस्य इस क्षेत्र में सक्रिय हैं। इससे पुलिस को और जानकारी मिलेगी, जिससे वे इसके पीछे के बड़े नेटवर्क को ध्वस्त कर सकें।
जग्गू भगवानपुरिया का असली नाम जसप्रीत सिंह है और वह गुरदासपुर के भगवानपुर गांव से संबंध रखता है। उसने कबड्डी जैसे खेलों में अच्छी खासी पहचान बनाई थी, लेकिन धीरे-धीरे उसका झुकाव अपराध की दुनिया की ओर बढ़ गया। बड़ा होने पर उसने अपराध की गतिविधियों में भाग लेना शुरू किया और इस दौरान उसने अपना नाम बदलकर जग्गू भगवानपुरिया रख लिया। अपने गांव के नाम को अपने नाम में शामिल करके वह गैंगस्टर के रूप में अपनी पहचान बनाने लगा।
जग्गू ने अपने करियर की शुरुआत छोटे अपराधों से की, जिसमें लूट और रंगदारी शामिल थी। उसकी गतिविधियाँ समय के साथ बढ़ती गईं, और उसे हत्याओं के लिए भी सुपारी देने का काम करने लगा। इसके चलते उसे “सुपारी किलर” का खिताब मिल गया। अब तरनतारन पुलिस उसकी गिरफ्तारी को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मान रही है और इसके जरिए जिला में बढ़ते अपराध पर अंकुश लगाने का प्रयास कर रही है।
गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया और उसके साथियों की गिरफ्तारी से यह साफ हो गया है कि पंजाब पुलिस अपने प्रयासों में गंभीर है। इस मामले की गहराई से जांच होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि क्षेत्र में और कितने गैंगस्टर सक्रिय हैं और वे किस प्रकार की अपराधिक गतिविधियों में शामिल हैं। पंजाब पुलिस ने अपनी कार्रवाई को तेज़ कर दिया है ताकि राज्य में कानून व्यवस्था को सुचारु रूप से बनाए रखा जा सके।