फार्मर रजिस्ट्री में लापरवाही पर सख्ती, सात एडीओ कृषि का वेतन रोका
– आयुक्त विंध्याचल मंडल के निर्देश पर हुई कार्रवाई
मीरजापुर, 28 दिसंबर (हि.स.)। फार्मर रजिस्ट्री कार्य में लापरवाही बरतने पर सात एडीओ कृषि का वेतन रोक दिया गया है। यह कार्रवाई विंध्याचल मंडल के आयुक्त डॉ. मुथुकुमार स्वामी बी. के निर्देश पर संयुक्त कृषि निदेशक डॉ. अशोक उपाध्याय द्वारा की गई। इसके साथ ही अन्य अधिकारियों को भी कार्य में तेजी लाने और लापरवाही से बचने की चेतावनी दी गई है।
सहायक विकास अधिकारी (कृषि) हलिया नरेंद्र कुमार कानापुरिया, लालगंज के संजय पटेल, भदोही के राम नरेश मौर्य और गोविंद लाल यादव, सुरियावां के अमित पांडेय, चोपन के पंकज यादव और कोन के विकास भारतीय का वेतन रोकने का निर्देश दिया गया। मंडलायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों से कार्य में तेजी लाने और लक्ष्य समय पर पूरा करने का निर्देश दिया है।
फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति
विंध्याचल मंडल में कुल 6,36,269 किसानों में से अब तक सिर्फ 62,078 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूरी हुई है। मीरजापुर जिले में 2,85,884 किसानों में से 36,225 (12.67%), सोनभद्र में 1,63,758 में से 7,298 (4.46%) और भदोही में 1,86,627 में से 18,555 (9.94%) किसानों ने रजिस्ट्री बनवाई है।
फार्मर रजिस्ट्री का महत्व
किसानों को पीएम सम्मान निधि योजना का लाभ तभी मिलेगा जब उनकी फार्मर रजिस्ट्री पूरी होगी। यह प्रक्रिया एग्रीस्टैक (डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर एग्रीकल्चर) के तहत संचालित है। इसमें किसानों के भूमि और व्यक्तिगत विवरण को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज किया जाता है। किसी प्रकार की जमीन हस्तांतरण प्रक्रिया होने पर यह विवरण स्वतः अपडेट हो जाएगा।