फाज़िल्का से एक विवादित खबर सामने आई है, जो चुनावी रंजिशों के चलते दो पक्षों के बीच झगड़े को लेकर है। यह घटना गांव कंधवाला हाजिर खां में हुई, जहां धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया गया। इस विवाद में दामाद, ससुर और एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में मरीजों की स्थिति की गंभीरता को देख कर दामाद को फरीदकोट अस्पताल में रेफर कर दिया गया है।
घायल बलकार सिंह ने अस्पताल में बताया कि दोनों पक्षों को थाने में बुलाया गया था, लेकिन उनके प्रतिद्वंद्वी वहां उपस्थित नहीं हुए। उनका कहना है कि जब वे थाने से घर लौटे, तो उन पर अचानक हमला किया गया। बलकार सिंह के अनुसार, यह झगड़ा पंचायत चुनावों के दौरान शुरू हुआ था, जब उनके दामाद ने गांव के एक व्यक्ति के साथ झगड़ा किया, जिसके चलते उस व्यक्ति को गंभीर चोटें आईं थीं। इस मामले में पंचायत के सामने राजीनामा भी हुआ था और उन्होंने इलाज के लिए अपने खर्च से पैसे दिए थे।
इस विवाद का पूर्व इतिहास बताते हुए बलकार सिंह ने कहा कि विवादित घटना के बावजूद, मामला सुलझ गया था, लेकिन प्रतिशोध के तौर पर उनके विरोधियों ने फिर से हमला किया। बलकार सिंह का कहना है कि झगड़ा समय से पहले थमने वाला था, लेकिन पुरानी रंजिशों की वजह से यह एक बार फिर उभरा।
मामले की सच्चाई जानने के लिए जब वे थाने गए, तो पुलिस ने उन दोनों पक्षों को बुलाने का प्रयास किया, लेकिन विपक्षी पक्ष ने पुलिस के समक्ष हाजिर होने से इन्कार कर दिया। बलकार सिंह और उनके परिवार के सदस्यों को हमले का शिकार बनाया गया, जिसमें उनके बेटे और दामाद को भी चोटें आईं। इस हमले में बलकार सिंह का दामाद सबसे गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसकी हालत को देखते हुए अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे फरीदकोट रेफर किया है।
वर्तमान में इस मामले की जानकारी अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा पुलिस को दे दी गई है, जिससे आगे की कार्रवाई शुरू की जा सके। पुलिस अब दोनों पक्षों से पूछताछ करने की तैयारी कर रही है और मामले की छानबीन के लिए जांच शुरू कर दी गई है। इस घटना ने गांव में चुनावी रंजिशों से जुड़ी स्थिति को और भी बिगाड़ दिया है और इससे ग्रामवासियों में डर का माहौल है। राजनीतिक झगड़ों के चलते इस तरह की घटनाएं अब आम होती जा रही हैं, जिसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।