सर्दी की शुरुआत के साथ ही हिमाचल प्रदेश ने अपनी धरती पर बर्फ के सफेद कंबल को ओढ़ लिया है, जो चार दिनों तक लंबे इंतजार के बाद हुआ। हाल ही में यहां भारी बर्फबारी हुई है, जिससे अटल टनल की आवाजाही रोकनी पड़ी है। रोहतांग के उत्तर और दक्षिण पोल पर 24 घंटे के भीतर तीन फुट से अधिक बर्फ गिर गई है। बीती रात आए बर्फीले तूफान की वजह से ठंड भी बढ़ गई है। लाहौल स्पीति के ट्राइबल जिले में कल शाम से बर्फबारी का सिलसिला जारी है, जिससे इन क्षेत्रों का संपर्क राजधानी से कट गया है। सिस्सू और कोकसर में दो-दो फुट तक बर्फ जमी है, जबकि दारचा और जिस्पा में एक फुट, और केलांग में आठ इंच बर्फ गिरी है।
राज्य के अन्य हिस्सों में भी अच्छी बारिश हो रही है, जिससे पहाड़ों पर चल रहे लंबे सूखे से राहत मिली है। ताजा बर्फबारी ने पर्यटकों की खुशी में इजाफा किया है। वे बर्फ के बीच 2025 का स्वागत करने के लिए पहाड़ों पर पहुंच रहे हैं। बर्फबारी ने न केवल पर्यटकों बल्कि पर्यटन व्यवसायियों, किसानों और बागवानों के चेहरों पर मुस्कान वापस ला दी है। महज चार दिनों में, शिमला और कुल्लू जिलों में लगभग तीन लाख पर्यटक पहुंच चुके हैं। हालांकि, मौसम की खराबी को देखते हुए सरकार ने आज और कल के लिए पर्यटकों को ऊंचे इलाकों में न जाने की सलाह दी है, ताकि वे बर्फ में फंसने से बच सकें।
बीती शाम मनाली के सोलंग नाला में एक हजार से अधिक वाहन ट्रैफिक जाम में फंस गए थे। पुलिस ने रात भर इन वाहनों को निकालने कोशिश की। रात 12 बजे भी बड़ी संख्या में वाहन जाम में थे। DSP मनाली केडी शर्मा के अनुसार, फंसे हुए लगभग 5000 पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। बर्फबारी के बाद सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है, जिससे एक लोडिड टेंपो भी सड़क से खिसक गया, हालाँकि ड्राइवर की तत्परता से उसकी जान बच गई।
मौसम विभाग के अनुसार, कई ऊंचे क्षेत्रों में आज भी बर्फबारी जारी रहने की आशंका है। चंबा, कांगड़ा, किन्नौर, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, मंडी और शिमला के कुछ क्षेत्रों में भारी बर्फबारी हो सकती है। हिमाचल के मैदानी इलाकों में बारिश हो रही है। NH-5 नारकंडा में बर्फबारी के कारण बंद हो गया है, जिससे लाहौल-स्पीति और शिमला जिलों के ठियोग, रोहड़ू, चौपाल और नारकंडा जैसे क्षेत्रों का संपर्क राजधानी से कट गया है।
सर्दी की बर्फबारी से सेब उद्योग को भी काफी फायदा होने की उम्मीद है। इस बर्फबारी से बगीचों में बीमारियों और कीटों के विरुद्ध एक तरह का टॉनिक का काम किया जाएगा, जिससे सेब की अच्छी फसल हो सके। इसके साथ ही, प्रदेश का पर्यटन उद्योग भी बर्फबारी से काफी लाभान्वित होगा, जो सर्दियों में पर्यटकों की संख्या बढ़ाएगा।
इस प्रकार, हिमाचल प्रदेश की बर्फबारी ने न केवल पेड़-पौधों को लाभ पहुंचाया है, बल्कि पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों में भी नवजीवन का संचार किया है।