मोहाली के न्यू चंडीगढ़ स्थित पंजाब ग्रेटर सोसाइटी में 26/27 दिसंबर की रात एक दुखद घटना घटी, जिसमें एक मां और उसके डेढ़ साल के बेटे की दम घुटने से मौत हो गई। वहीं पिता दीपक, जो नेपाल का निवासी है, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। जानकारी के मुताबिक, दीपक एक घरेलू नौकर के रूप में अपने परिवार के साथ सर्वेंट क्वार्टर में निवास कर रहा था। घटना के समय सर्दी से बचने के लिए उसने कमरे में अंगीठी जलाई थी, जिससे धुआं फैल गया और उसकी पत्नी तथा बच्चे को बेहोशी की हालत में छोड़ दिया।
रात के समय जब दीपक को महसूस हुआ कि उसके परिवार को सांस लेने में कठिनाई हो रही है, तो उसने तत्काल अपनी पत्नी परशुपति और बेटे को जगाने का प्रयास किया। लेकिन दुर्भाग्यवश, दोनों बेसुध पड़े थे। अचानक पूरे कमरे में धुआं भर गया, जिससे दीपक भी बेहोश हो गया। इस घटना की सूचना मिलते ही मकान मालिक ने मुल्लांपुर थाना पुलिस एवं कंट्रोल रूम को सूचित किया।
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एसएचओ सतेंद्र सिंह की अगुवाई में मौके पर पहुंची। तीनों को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने बच्चे और मां को मृत घोषित कर दिया, जबकि दीपक का उपचार जारी है। अस्पताल में दीपक की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है और घटना के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
यह घटना सर्दी के मौसम में सुरक्षित रहने के सही तरीकों की अहमियत को उजागर करती है। अंगीठी जलाने से होने वाले धुएं के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव के बारे में लोगों को जागरूक होना चाहिए। घर के भीतर अंगीठी जलाने से कार्बन मोनोऑक्साइड गैस का स्तर बढ़ सकता है, जो जीवन के लिए बेहद खतरनाक है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक है कि लोग सर्दी से बचने के लिए सुरक्षित उपायों का चयन करें, जैसे कि हीटिंग उपकरणों का सही और सुरक्षित उपयोग।
इस घटना ने एक बार फिर से घरेलू सुरक्षा के मानकों पर ध्यान देने की आवश्यकता को महसूस कराया है। जांच के निष्कर्षों के बाद, स्थानीय प्रशासन लोगों को धुआं रहित और सुरक्षित परिवेश बनाए रखने के लिए आवश्यक उपायों की जानकारी देने की योजना बना सकता है, ताकि भविष्य में ऐसी हृदयविदारक घटनाओं से बचा जा सके। भारतीय समाज में सर्दी के मौसम में अंगीठी का प्रचलन आम है, लेकिन इसके साथ सुरक्षा उपायों को अपनाना अनिवार्य है।