दक्षिण भारत के पंजाब में जगराओं के बलीपुर खुर्द गांव में एक खौफनाक घटना घटी है, जिसमें एक कलयुगी बेटे ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर अपने ही पिता की हत्या कर दी। यह मामला तब शुरू हुआ जब आरोपियों ने अपने पिता की मौत को बीमारी का कारण बताकर जल्दी-जल्दी में उनका अंतिम संस्कार करने का प्रयास किया। जब मृतक के भतीजे ने मामले की पड़ताल की, तो उसने पाया कि बेटे और बहू ने मिलकर ही अपने पिता को हत्या का शिकार बनाया था। मृतक व्यक्ति की पहचान जगरूप सिंह के रूप में हुई, जो बलीपुर खुर्द के निवासी थे।
मृतक के भतीजे किरणवीर सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। उन्होंने अपने बयान में बताया कि वह कनाडा में रहने वाले हैं और उनके पिता की जिंदगी में उनके ताऊ जगरूप ने उनका पालन-पोषण किया है। कनाडा में रहते हुए भी उन्हें ताऊ से कई बार फोन आए, जिसमें जगरूप ने बताया कि उसके बेटे और बहू उसके साथ बुरा व्यवहार कर रहे हैं। विशेषकर, तीन साल पहले उनकी मां की बीमारी में ही मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद सभी जिम्मेदारियां ताऊ ने संभाली थीं। किंतु, ताऊ की जीवन से जुड़ी समस्याएं बढ़ती गईं और अंततः उनकी हत्या हो गई।
किरणवीर ने बताया कि उनके ताऊ ने दो दिन पहले उन्हें फोन किया था, जिसमें वह अपने बेटे और बहू द्वारा किए गए दुर्व्यवहार के बारे में शिकायत कर रहे थे। इससे दुखी होकर किरणवीर भारत लौटने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन इससे पहले ही उनके ताऊ की मौत की सूचना आई। जब किरणवीर ने शव के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को रोकने का प्रयास किया, तब उसे बताया गया कि शव सड़ना शुरू हो गया है, जिससे उसकी शंका बढ़ गई।
जब किरणवीर ने शव का निरीक्षण किया, तो उसे सिर पर चोट के निशान मिले और खून भी निकला हुआ था। एक प्रत्यक्षदर्शी ने उसे बताया कि उसकी पत्नी ने उसके ताऊ को धक्का दे दिया था, जिससे वह गिरकर चोटिल हुए थे। इस दौरान उनके बेटे ने, जो घर में आया था, अपनी पत्नी को और मारने के लिए कह रहे थे। इससे स्पष्ट हुआ कि मामला हत्या का है।
इस हत्या के बाद, आरोपी चचेरे भाई ने भी अपनी पत्नी को विदेश भेज दिया और घटनास्थल से भागने का प्रयास किया। आरोपियों ने यह सब कानून के डर से किया, क्योंकि इससे पहले भी उन्होंने ताऊ के साथ मारपीट की थी। अब पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए पति-पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश जारी है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को सदमे में डाल दिया है और लोगों में इस प्रकार की घटनाओं के प्रति गहरी चिंता का माहौल उत्पन्न कर दिया है।