मोहाली जिले के खरड़ क्षेत्र में हरियाणा पुलिस के एसपीओ बलजीत सिंह के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और मारपीट का एक गंभीर मामला सामने आया है। यह मामला तब की शुरुआत हुई जब पीड़िता ने पंजाब राज्य महिला आयोग में अपनी बात रखी। उसके बाद जांच के आधार पर मामला दर्ज किया गया। बलजीत सिंह की पत्नी ने पुलिस को बताया कि उनकी शादी 2011 में हुई थी और उनके दो बच्चे हैं, एक बेटा और एक बेटी। शादी के शुरूवात से ही बलजीत ने दहेज की मांग को लेकर उसे परेशान करना शुरू कर दिया।
महिला ने अपने बयान में कहा है कि जब उसने अपने पति की दहेज की मांग का विरोध किया, तो बलजीत, जो कि शराब का आदी है, उसके साथ मारपीट करने लगा। उसने यह भी कहा कि बलजीत ने कभी बच्चों के देखभाल के लिए पैसे नहीं भेजे और लगातार मानसिक यातना का शिकार करती रही। 2022 में सेना से रिटायर होने के बाद बलजीत सिंह हरियाणा पुलिस में एसपीओ के पद पर नियुक्त हुआ; लेकिन उसके आचरण में कोई सुधार नहीं आया। पति के दुष्कर्मों से तंग आकर, महिला ने अपने माता-पिता के घर जाकर रहने का फैसला किया।
हालांकि, घर छोड़ने के बावजूद बलजीत ने अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। पीड़ित महिला ने अंततः पुलिस और महिला आयोग से अपनी शिकायत दर्ज करवाई। बलजीत सिंह जो कुरुक्षेत्र का निवासी है, उसके खिलाफ शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मोहाली के एस.एस.पी. दीपक पारीक ने डी.एस.पी. सिटी खरड़-1 को मामले की जांच सौंप दी। जांच के निष्कर्षों के आधार पर बलजीत सिंह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है, जिससे यह साफ है कि दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा के मामलों में कानून सख्त है। यह केस इस बात का उदाहरण है कि कैसे महिलाएं अपनी आवाज उठा सकती हैं और न्याय के लिए लड़ सकती हैं। समाज में ऐसी घटनाओं को रोकने और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।
पुलिस का कहना है कि उन्हें मामले की जांच को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास करने होंगे ताकि पीड़ित को न्याय मिल सके। इस घटना से यह भी साक्ष्य मिलता है कि समाज में सुधार की आवश्यकता है, ताकि महिलाएं बिना किसी डर के अपने अधिकारों की रक्षा कर सकें और अपने खिलाफ हो रहे अत्याचार के खिलाफ आवाज उठा सकें। इस मामले में आगे की कार्रवाई जारी है और उम्मीद की जा रही है कि न्याय जल्द ही मिलेगा।