चंडीगढ़ से लगे मोहाली जिले की अनधिकृत कॉलोनियों में 500 वर्ग गज तक के प्लॉट के मालिकों को जिला प्रशासन द्वारा महत्वपूर्ण राहत प्रदान की गई है। उपायुक्त आशिका जैन ने इस संबंध में स्पष्ट किया है कि अब प्लॉट धारकों को अचल संपत्ति के रजिस्ट्रेशन में कोई कठिनाई नहीं होगी। उन्हें जिला राजस्व अधिकारी अमनदीप चावला को नोडल अधिकारी नियुक्त कर इस प्रक्रिया को सुगम बनाने का कार्य सौंपा गया है। साथ ही, इस मामले में किसी भी प्रकार की शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर 0172-2219506 भी जारी किया है, जिससे कि लोगों को अपनी समस्याओं का हल मिल सके।
इस दिशा में उपायुक्त ने अधिकारियों के साथ एक बैठक भी आयोजित की। बैठक में आशिका जैन ने इस बात पर जोर दिया कि 1 दिसंबर 2024 से लागू होने वाले पंजाब अपार्टमेंट और संपत्ति विनियमन (संशोधन) अधिनियम 2024 का उद्देश्य अनधिकृत कॉलोनियों में 500 वर्ग गज तक के भूखंडों के पंजीकरण में संभावित बाधाओं को समाप्त करना है। मोहाली जिले की सभी तहसीलों के उप रजिस्ट्रार और संयुक्त उप रजिस्ट्रार को निर्देश दिया गया है कि वे लोगों को इस योजना के प्रति जागरूक करें, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके।
इसके अलावा, यह जानकारी भी दी गई है कि यह छूट फरवरी महीने तक लागू रहेगी। आवास एवं शहरी विकास तथा स्थानीय निकाय विभागों से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) की छूट केवल 28 फरवरी, 2025 तक ही मान्य रहेगी। इसलिए लाभार्थियों को सलाह दी गई है कि वे अधिसूचना के अनुसार 28 फरवरी 2025 से पहले या उसके अंत तक अपनी संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन अवश्य करवा लें। इससे उन्हें पंजीकरण की प्रक्रिया में कोई अवरोध नहीं आएगा।
अधिसूचना के तहत यह भी कहा गया है कि जिन व्यक्तियों ने 31 जुलाई 2024 तक किसी अनधिकृत कॉलोनी में 500 वर्ग गज तक के भूखंड के लिए स्टांप पेपर पर पावर ऑफ अटॉर्नी या समझौता कर लिया है, वे रजिस्ट्रार, उप-रजिस्ट्रार या संयुक्त उप-रजिस्ट्रार के समक्ष अपने भूखंड का पंजीकरण करवाने के पात्र होंगे। यह संभावित कानून परिवर्तन स्थानीय निवासियों के लिए एक सकारात्मक कदम है, जो उन्हें उनकी संपत्तियों को वैधता प्रदान कर आगे बढ़ने में सहायता करेगा।
इस प्रकार, मोहाली जिले के प्लॉट धारकों के लिए यह निर्णय न केवल एक सकारात्मक खबर है, बल्कि उन्हें अपने रियल एस्टेट निवेश को सुरक्षित और वैधानिक बनाने में भी मदद करेगा। इस अवसर का लाभ उठाने के लिए सभी संबंधित पक्षों को आदर्श समय पर कार्रवाई करने की आवश्यकता है।