पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में शहीदी सभा के अवसर पर बिना उचित अनुमति के स्थापित रक्तदान शिविरों के विरुद्ध एक सख्त कदम उठाया गया है। इस संबंध में डिप्टी कमिश्नर डॉ. सोना थिंद ने अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (जनरल) गीतिका सिंह, फतेहगढ़ साहिब के एसडीएम अरविंद गुप्ता और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की एक टीम के साथ मिलकर निरीक्षण किया। उन्होंने गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब की ओर जाने वाली सड़क के किनारों पर स्थापित कई रक्तदान शिविरों का जायजा लिया।
डिप्टी कमिश्नर को सूचना मिली थी कि कुछ संगठन और व्यक्ति बिना किसी सरकारी स्वीकृति के रक्तदान शिविर लगाए हैं। जब निरीक्षण के दौरान, डिप्टी कमिश्नर ने एक शिविर के प्रबंधक से आवश्यक अनुमति पत्र पेश करने को कहा, तो वह ऐसा करने में असमर्थ रहा। इस पर डिप्टी कमिश्नर ने तुरंत तहसीलदार विशाल वर्मा को मौके पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए। इस कार्रवाई में शिविर को तेजी से बंद कर दिया गया।
डिप्टी कमिश्नर डॉ. सोना थिंद ने कहा कि यह मामला उनके पास को ध्यान में आया था कि कुछ तत्व शहीदी सभा के मौके पर बिना अनुमति के रक्तदान शिविर आयोजित कर रहे थे। ऐसे अव्यवसायिक प्रयोगों से कानून का पालन नहीं किया जा रहा था, जिसके चलते उन्होंने अपने अधिकारियों के साथ मिलकर इस मुद्दे की गंभीरता को समझा और तुरंत उचित कदम उठाया।
डिप्टी कमिश्नर ने प्रशासनित अधिकारियों को निर्देश दिया कि भविष्य में इस प्रकार के आयोजनों के लिए सभी आवश्यक अनुमति और कागजात सुनिश्चित किए जाएं ताकि किसी भी अव्यवस्था या कानून के उल्लंघन की स्थिति से बचा जा सके। इस घटना के माध्यम से प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह कानून के उल्लंघन को सहन नहीं करेगा और सभी संगठनों को अनुशासन में रहने की सीख दी गई है।
इस प्रकार की कार्रवाई यह दर्शाती है कि प्रशासन स्वास्थ्य सेवाओं और समाज कल्याण के नाम पर होने वाली गलतियों पर नजर रखे हुए है। रक्तदान शिविर जैसे संवेदनशील आयोजनों के लिए उचित प्रक्रियाओं का पालन होना अनिवार्य है, ताकि समाज में रक्तदान का सकारात्मक संदेश फैलाने के उद्देश्य को सही ढंग से लागू किया जा सके।