सिरसा में बठिंडा के 4 गैंगस्टर्स गिरफ्तार: दो युवकों से मारपीट कर मोबाइल-कैश लूटा!

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सिरसा के कालांवाली क्षेत्र से सूचना प्राप्त हुई है कि सीआईए की एक विशेष टीम ने बठिंडा के चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जो लूटपाट की वारदातों में शामिल थे। गिरफ्तार किए गए बदमाशों के पास से पुलिस ने मोबाइल फोन और नकदी भी बरामद की है। आरोपियों की पहचान गुरप्रीत सिंह उर्फ मीणा, भूषण सिंह उर्फ पुसा, सुखजिन्द्र सिंह उर्फ सुच्चा और विशाल के नाम से की गई है। यह सभी बदमाश पंजाब के बठिंडा जिले के रहने वाले हैं।

एसपी सिद्धांत जैन ने इस गिरफ्तारी के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि अवतार सिंह, जो गिदड़खेडा का निवासी है, ने 23 दिसंबर को शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उसने बताया कि वह अपने दोस्त खुशप्रीत सिंह के साथ बरनाला से लौट रहा था। जब वे शाम करीब 8 बजे देसू रोड पर नहर पुल के पास पहुंचे, तब चार अज्ञात बदमाशों ने उनकी बाइक रोक दी और उन पर हमले कर दिया। बदमाशों ने न केवल उनकी मारपीट की बल्कि उनके मोबाइल फोन और 8,000 रुपए भी लूट लिए।

एसपी ने इस घटना के पीछे का एक महत्वपूर्ण पहलू भी साझा किया, जिसमें उन्होंने बताया कि ये सभी आरोपी नशे की लत के शिकार हैं। वे कथित तौर पर नशे की आपूर्ति के लिए लूटपाट की वारदात को अंजाम देते हैं। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों को अदालत में प्रस्तुत करने की योजना बनाई है, ताकि उन्हें पुलिस रिमांड पर लिया जा सके। इस रिमांड के दौरान पुलिस उनकी गहनता से पूछताछ कर अन्य संभावित वारदातों के बारे में जानकारी हासिल करेगी।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों पर पहले से लड़ाई-झगड़ा, एनडीपीएस एक्ट और चोरी के लगभग 16 मामले दर्ज हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि ये आरोपी आपराधिक गतिविधियों में लंबे समय से संलिप्त रहे हैं। ऐसे में पुलिस ने उनकी गतिविधियों पर नजर रखने का निर्णय लिया है, ताकि कोई और अपराधिक वारदात न हो सके।

सिरसा के इस घटनाक्रम ने न केवल स्थानीय लोगों में दहशत पैदा की है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि नशे की समस्या समाज में कितनी गंभीर हो चुकी है। पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्यवाही की है, जिससे यह संकेत मिलता है कि वे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ऐसे मामलों में न्याय की प्राप्ति के लिए पुलिस की सक्रियता बेहद आवश्यक है, ताकि भविष्य में अपराधियों के हौंसले कमजोर पड़ सकें और समाज में शांति बनी रहे।