ASI ने नशे के लिए गिरवी रखी पिस्टल, आतंकी लांडा के गुर्गों को पहुंची!

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पंजाब के तरनतारन में पुलिस और आतंकवादी लखबीर सिंह उर्फ लांडा के गुर्गों के बीच एक महत्वपूर्ण मुठभेड़ हुई, जिसमें पुलिस ने दो गुर्गों को गिरफ्तार कर लिया। जब पुलिस ने इन बदमाशों की गिरफ्तारी की और जांच की, तो उनके पास से 32 बोर की पिस्टल एवं जिंदा कारतूस बरामद हुए। गिरफ्तार हुए बदमाशों की पहचान यादविंदर सिंह और कुलदीप सिंह उर्फ लड्डू के रूप में हुई है, जो तरनतारन के गाँव रुरीवाला के निवासी हैं। जब पुलिस ने इनसे पिस्टल के बारे में पूछताछ की, तो उन्होंने पंजाब पुलिस के एक एएसआई पवनदीप सिंह का नाम लिया, जिसके चलते पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस जांच में सामने आया कि एएसआई पवनदीप नशे का आदी है और उसने अपनी सरकारी पिस्टल को बदमाशों को गिरवी रख दिया था। बदले में, वह उनसे नशे के लिए सामान लेता था। मुठभेड़ की घटना मंगलवार रात की है, जब पुलिस को उन दो बदमाशों के बारे में सूचना मिली थी। पुलिस ने उन बदमाशों की लोकेशन ट्रेस की और तरनतारन के पास छापा मारा। परंतु, बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। सुकून की बात यह थी कि इस हमले में कोई पुलिसकर्मी घायल नहीं हुआ। जवाबी कार्रवाई में यादविंदर और कुलदीप के पैरों में गोली लगी और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

जाँच के दौरान पुलिस ने पाया कि एएसआई पवनदीप ने बदमाशों को अपनी सरकारी पिस्टल दी थी, जिसका प्रयोग वे तरनतारन में एक कारोबारी के घर पर फायरिंग करने के लिए कर चुके थे। पुलिस के अनुसार, ये बदमाश 50 लाख रुपये की रंगदारी मांग रहे थे। पकड़े गए कुलदीप सिंह के साथ पूछताछ में यह बात सामने आई कि एएसआई पवनदीप ने दोस्ती के चलते बदमाशों को पिस्टल देकर उनका सहयोग किया था। इस खुलासे के बाद पुलिस ने एएसआई पवनदीप के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे सस्पेंड कर दिया है।

आतंकी लखबीर सिंह उर्फ लांडा की पहचान भी इस मामले में महत्वपूर्ण है। 35 वर्षीय लांडा मूलतः तरनतारन के हरिके का निवासी है, लेकिन वर्तमान में कनाडा के एडमॉन्टन में छिपा हुआ है। उसके खिलाफ पंजाब के कई पुलिस स्टेशनों में देशद्रोही गतिविधियों, हत्या, जबरन वसूली, नशीले पदार्थों की तस्करी, अपहरण और अवैध हथियार रखने से संबंधित अनेक आपराधिक मामले दर्ज हैं। लांडा पहले आतंकवादी हरविंदर सिंह रिंदा का करीबी सहयोगी था, लेकिन मोहाली में पुलिस मुख्यालय पर हुए एक हमले के बाद दोनों के बीच मतभेद के चलते लांडा ने रिंदा के लिए काम करना बंद कर दिया।

अधिकारियों का मानना है कि लखबीर कनाडा से अपने नेटवर्क को संचालित कर रहा है, जिसका प्रयोग वह विभिन्न अपराधों के लिए करता है। वह छोटे-मोटे अपराधियों का इस्तेमाल कॉन्ट्रैक्ट किलिंग, जबरन वसूली और रंगदारी के लिए कर रहा है। इस तरह का नेटवर्क उसे अमीर व्यक्तियों जैसे व्यवसायियों, डॉक्टरों और मशहूर हस्तियों से रंगदारी मांगने का अवसर प्रदान करता है। पुलिस इस केस में कड़ी निगरानी रख रही है, और लांडा के गिरोह की गतिविधियों को समाप्त करने के लिए प्रयास जारी हैं।