कनाडा की पील पुलिस ने एक गंभीर मामला उजागर करते हुए एक 22 वर्षीय पंजाबी युवक को गिरफ्तार किया है, जो तीन महिलाओं से यौन उत्पीड़न के आरोप में फंसा हुआ है। आरोपी की पहचान अर्शदीप सिंह के रूप में हुई है, जो दिसंबर 2022 में अध्ययन वीजा पर पंजाब से कनाडा आया था और ब्रैम्पटन शहर में निवास कर रहा था। बताया जा रहा है कि यह युवक महिलाओं को राइडशेयर ऑपरेटर बनकर अपना शिकार बनाता था और फिर उन्हें सुनसान स्थलों पर ले जाकर यौन उत्पीड़न करता था। घटनाएं इस महीने की बताई जा रही हैं, और मामले की जांच के लिए पील और यॉर्क पुलिस ने संयुक्त अभियान शुरू किया।
पुलिस द्वारा मिली जानकारियों के अनुसार, पहली घटना 8 नवंबर को सुबह करीब 7 बजे घटित हुई, जब एक महिला एक बस स्टॉप पर खड़ी थी। इसी समय, आरोपी ने एक काले रंग की सेडान कार में उसे राइडशेयर ओपरेटर बताकर अपने साथ लिया और फिर वॉन शहर के एक सुनसान स्थान पर उसका यौन शोषण किया। कुछ समय बाद, उसी दिन सुबह 7:45 बजे एक और महिला से भी इसी प्रकार की घटना को अंजाम दिया गया। आरोपी ने उसे भी राइडशेयर के बहाने अपनी कार में बैठाकर हाईवे 50 पर ले जाकर यौन उत्पीड़न किया।
इस क्रम में, 16 नवंबर को भी एक महिला पर हमला किया गया। वह एयरपोर्ट रोड और हंबरवेस्ट पार्कवे के पास बस स्टॉप पर खड़ी थी, जब आरोपी ने उसे अपने जाल में फंसाया और फिर से यौन शोषण की घटना को अंजाम दिया। इन सभी घटनाओं के बाद, पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कई धाराओं में मामला दर्ज किया है, जिसमें यौन उत्पीड़न, हथियार से यौन उत्पीड़न, तथा डकैती सम्मिलित हैं। आरोपी को ब्रैंपटन के ओंटारियो कोर्ट ऑफ जस्टिस में पेश किया गया है।
पील पुलिस के उप प्रमुख निक मिलिनोविच ने कहा कि यह गिरफ्तारी उनके विभाग की कठिन मेहनत का परिणाम है और यौन हिंसा के मामलों पर कार्रवाई करना उनका प्राथमिकता है। वहीं, यॉर्क क्षेत्रीय पुलिस के उप प्रमुख अल्वारो अल्मेडा ने बताया कि इस मामले को जल्दी सुलझाने में दोनों पुलिस विभागों के बीच सहयोग का बहुत बड़ा योगदान रहा है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अनजान व्यक्तियों द्वारा दी जाने वाली राइडशेयर सेवाओं का उपयोग करने से बचें और हमेशा सतर्क रहें।
पुलिस का यह भी कहना है कि यदि किसी के पास आरोपी से संबंधित कोई अतिरिक्त जानकारी है, तो वह तुरंत उन्हें सूचित करें। यह मामला न केवल एक नारकीय स्थिति को उजागर करता है, बल्कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जागरूकता पैदा करने की आवश्यकता को भी दर्शाता है। समाज को इस प्रकार के अपराधों के खिलाफ एकजुट होकर खड़े होने की जरूरत है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।