अबोहर के पटी बीला गांव की निवासी संजना कौर के साथ दहेज के लिए अत्याचार का शर्मनाक मामला सामने आया है। संजना की शादी पिछले वर्ष जलालाबाद निवासी मनजिंदर सिंह से हुई थी। यह लव मैरिज परिवारों की सहमति से संपन्न हुई, जिसमें दहेज की मांग न करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन समय के साथ संजना के ससुराल वालों ने दहेज के लिए दबाव डालना शुरू कर दिया, विशेषकर बुलेट गाड़ी की मांग को लेकर।
पिछले कुछ महीनों में संजना ने अपने ससुराल वालों के खिलाफ थाने में कई बार पंचायतें भी कीं, लेकिन कोई सार्थक नतीजा नहीं निकल सका। हाल ही में, जब उसके मामा ससुर की बेटी की शादी का कार्यक्रम था, तो उसके पति ने शादी के सामान के लिए उसे पैसे दिए। इस मुद्दे को लेकर उसकी सास ने उससे विवाद किया, जिसके परिणामस्वरूप संजना को उसकी सास, ससुर और पति द्वारा बुरी तरह पीटा गया। इतना ही नहीं, उन्हें 23 तारीख की रात को कमरे में बंधक बनाकर छोड़ दिया गया, जबकि वे शादी समारोह में चले गए।
संजना ने अगले दिन जब अपने कमरे से रिहाई प्राप्त की, तब उसने किसी तरह अपने फोन का इस्तेमाल करते हुए अपनी मां वीरपाल कौर को सारी स्थिति से अवगत कराया। उनकी मां तुरंत पंचायत के सदस्य के साथ वहां पहुंची और संजना को अबोहर के अस्पताल में भर्ती करवाया। चिकित्सकों ने बताया कि संजना के शरीर पर कई जगह चोटों के निशान हैं, जो उसकी दर्दनाक स्थिति को दर्शाते हैं।
इस मामले की जानकारी मिलने के बाद थाना खुईयां सरवर पुलिस भी मौके पर पहुंची। उन्होंने बताया कि घटना की गंभीरता को समझते हुए जलालाबाद पुलिस को इस मामले की रिपोर्ट कर दी गई है, जो आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी। संजना के साथ हुई इस नज़रअंदाज़ी ने समाज में दहेज प्रथा के खिलाफ और सख्त कदम उठाने की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर किया है।
इस प्रकार के मामलों में अभी भी कई महिलाएं दहेज के तहत शोषण का शिकार हो रही हैं। समाज के विभिन्न वर्गों को आगे आकर इस भयानक समस्या के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि ऐसी घटनाएं फिर कभी न हों। संजना की शिकायत से उम्मीद है कि संबंधित प्रशासन सजग होगा और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए जरूरी कार्रवाई करेगा।