चंडीगढ़ में खतरनाक हमला: युवक पर गंडासी से वार करने वाले 2 बदमाश काबू में!

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चंडीगढ़ पुलिस ने मनीमाजरा में हुए हत्या के प्रयास के मामले में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पुलिस ने राहुल उर्फ रेेली और मोनू उर्फ कंदू नामक दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने 22 नवम्बर 2024 को एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला किया था। गिरफ्तारी की यह कार्रवाई 25 नवम्बर 2024 को सुभाष नगर के क्रिकेट ग्राउंड से की गई, जहां से पुलिस ने अपराध में प्रयुक्त हथियार भी बरामद किए। इस घटना ने स्थानीय निवासियों में दहशत पैदा कर दी थी और मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की।

इस मामले की शुरुआत उस समय हुई जब शिकायतकर्ता किशन, जो न्यू इंदिरा कॉलोनी का निवासी है, ने पुलिस को अपनी आपबीती सुनाई। किशन ने बताया कि 22 नवम्बर की रात लगभग 10:10 बजे वह एनआईसी बाजार में बर्गर खरीदने गया था। जबकि वह बाजार में था, एक सफेद इनोवा में सवार चार व्यक्तियों ने उसे घेर लिया। हमलावरों ने उसे पकड़कर उसके सिर पर गंडासी से वार किया, जबकि एक अन्य आरोपी ने लोहे की झरनी से उसे गंभीर रूप से चोट पहुंचाई। इस हमले में किशन बुरी तरह घायल हो गया और आरोपी घटनास्थल से भाग खड़े हुए।

पुलिस ने घटना स्थल से फायर किए गए और मिसफायर किए गए कारतूस भी बरामद किए, जिससे मामले की गंभीरता बढ़ गई। गिरफ्तारी के लिए चंडीगढ़ पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर दृष्टिगत कार्रवाई की। 25 नवम्बर को राहुल उर्फ रेेली और मोनू उर्फ कंदू की गिरफ्तारी के साथ-साथ पुलिस ने उनके पास से देसी पिस्तौल और लोहे की झरनी भी बरामद की। यह गिरफ्तारी चंडीगढ़ पुलिस की तेजतर्रार कार्यशैली को दर्शाती है, जिसने उच्चतम प्राथमिकता के साथ हत्या के प्रयास के मामले को सुलझाने में सफलता हासिल की।

एसएसपी कंवरदीप कौर और एसपी सिटी मनजीत सिंह के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया था, जिसने कठिनाइयों का सामना करते हुए आरोपियों को पकड़ने में सफलता प्राप्त की। डीएसपी जसबीर सिंह और इंस्पेक्टर जुलदान सिंह की निगरानी में यह सभी कार्यवाही की गई। इस प्रकार, चंडीगढ़ पुलिस ने एक बार फिर से साबित कर दिया है कि वह कानून और व्यवस्था को बनाए रखने में संजीदगी से कार्य कर रही है।

इस घटना ने स्थानीय लोगों को एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि सुरक्षा और जागरूकता कितनी महत्वपूर्ण है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से यह उम्मीद जगी है कि ऐसे अपराधों पर नियंत्रण पाया जा सकेगा और समुदाय में सुरक्षा का माहौल स्थापित रहेगा। चंडीगढ़ पुलिस की मुस्तैदी ने इस घटित घटना को लेकर लोगों के विश्वास को बहाल किया है और आगे भी इस प्रकार की कार्रवाई जारी रखने की आवश्यकता है।