जगराओं में पुलिस वर्दी पर हमला: कार का शीशा तोड़ा, गाली-गलौज, हंगामा!

Share

पंजाब के जगराओं में बरनाला-जालंधर हाईवे पर एक गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई, जब नहर पुल के समीप भारी ट्रैफिक जाम लग गया। इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे ताकि ट्रैफिक को नियंत्रित किया जा सके। लेकिन वहां पर पुलिस अधिकारी को अप्रत्याशित विरोध का सामना करना पड़ा। दो कार सवारों ने न केवल पुलिस अधिकारी के साथ बहस की, बल्कि उनके साथ रौब भी जमाते हुए वर्दी पर हाथ डाल दिया। इतना ही नहीं, गुंडागर्दी करते हुए उन्होंने पुलिस अधिकारी की कार का शीशा भी तोड़ दिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए थाना सिटी में मामला दर्ज किया है।

आरोपियों की पहचान जसवीर सिंह और गुरप्रीत सिंह के रूप में हुई है, जो मोगा जिले के किल्ली चाहला गांव के निवासी हैं। पुलिस ने घटना के तुरंत बाद इन दोनों को गिरफ्तार कर लिया और अदालत में पेश किया, जिसके बाद आगे की पूछताछ प्रारंभ कर दी गई। थाना सिटी के एएसआई बलविंदर सिंह ने बताया कि सुबह करीब नौ बजे उन्हें सूचना मिली कि बरनाला से जालंधर हाईवे पर नहर पुल के पास ट्रैफिक जाम लग गया है, जिससे यात्रियों को असुविधा हो रही है। इस पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अधिकारी राजदीप सिंह को मौके पर भेजा।

जब पुलिसकर्मियों ने वहां पहुंचकर ट्रैफिक खुलवाने का प्रयास किया, तो वहां मौजूद कार सवार व्यक्तियों ने उनके साथ गाली-गलौज की। अधिकारियों ने ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए अपनी कार को नहर के किनारे खड़ा करना चाहा, लेकिन आरोपियों ने पुलिसकर्मियों को कार से नीचे नहीं उतरने दिया। इस दौरान बहस करते हुए उन्होंने न केवल अपशब्दों का प्रयोग किया, बल्कि गाड़ी से पत्थर उठाकर पुलिस की कार का शीशा भी तोड़ दिया। यह घटनाक्रम उस समय और भी भयानक हो गया जब आरोपियों ने पुलिस अधिकारी को वर्दी उतारने की धमकी दी।

पुलिस कर्मचारी ने आरोपियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे समझने के बजाय उल्टे पुलिस को गालियां देते रहे। यह पूरे घटनाक्रम से स्पष्ट होता है कि कानून और व्यवस्था के प्रति समाज में किस प्रकार की मानसिकता बढ़ती जा रही है। पुलिस ने सभी तथ्यों को सामने रखते हुए पीड़ित अधिकारी की शिकायत पर मामले की गहन जांच की और इसे गंभीरता से लेते हुए थाना सिटी में मामला दर्ज किया।

इस घटना ने स्पष्ट कर दिया है कि पुलिस को अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते समय कितनी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। समाज के कुछ वर्गों की ओर से ऐसी गुंडागर्दी के विरुद्ध ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि कानून का राज बनी रहे और ऐसे घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। सरकार और पुलिस विभाग को यह सुनिश्चित करना होगा कि जनता का विश्वास न टूटे और वे सुरक्षित महसूस करें।