शनिवार को वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के सक्रिय होने के बाद पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी ने मैदानी इलाकों के मौसम को कुछ बदल दिया है। विशेषकर, पंजाब के अधिकतम तापमान में 0.5 डिग्री की गिरावट देखी गई है, जबकि चंडीगढ़ में यह 1.5 डिग्री कम हो गया है। हालांकि, न्यूनतम तापमान लगभग 10 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर है। इस बार पंजाब में कोहरे के लिए कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि 27 नवंबर से राज्य फिर से कोहरे के प्रभाव में आ सकता है। पहाड़ियों पर बर्फबारी के बावजूद, पंजाब और चंडीगढ़ में बारिश की कोई संभावना नहीं है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मौसम शुष्क रहने की उम्मीद की जा रही है।
पंजाब में सामान्यत: 23 नवंबर तक 3.5 एमएम बारिश का रिकॉर्ड होता है, किंतु इस बार इस अवधि में 99 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है। अमृतसर एकमात्र ऐसा जिला है, जहाँ 0.2 एमएम बारिश हुई है, जबकि सामान्यतः नवंबर में यहां 4.5 एमएम बारिश होती है। बारिश के अभाव में प्रदूषण कमी की संभावना भी कम हो गई है। पंजाब और चंडीगढ़ में वायु प्रदूषण का स्तर चिंताजनक स्थिति में है, जहाँ चंडीगढ़ का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 357 पर पहुँच गया है, जो “बहुत खराब” की श्रेणी में आता है। हालांकि, यह कल की स्थिति से थोड़ी बेहतर है।
पंजाब के अन्य बड़े शहरों जैसे अमृतसर (280), जालंधर (275) और लुधियाना (333) में भी प्रदूषण का स्तर “खराब” से “बहुत खराब” के बीच रहा है। बात करें तापमान की, तो आज चंडीगढ़ में आसमान साफ रहेगा, और तापमान 11 से 26 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। अमृतसर और जालंधर में भी हल्की धुंध की संभावना है, और तापमान क्रमशः 13 से 24 डिग्री और 12 से 25 डिग्री के बीच रह सकता है। इसी प्रकार, लुधियाना और पटियाला में भी हल्की धुंध की स्थिति रहने का अनुमान लगाया जा रहा है।
मोहाली में आज मौसम साफ रहेगा, जिसमें तापमान 12 से 25 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। इस प्रकार, पंजाब और चंडीगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में मौसम का हाल सबसे अधिक ठंडा और सूखा रहने वाला है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के चलते पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी तो हुई है, लेकिन इसका प्रभाव मैदानी इलाकों में केवल ठंड को बढ़ाने के रूप में ही देखने को मिल रहा है। अब सभी की नजरें 27 नवंबर की ओर हैं, जब संभावित कोहरे की स्थिति का अनुमान लगाया जा रहा है।