मोहाली के शाहीमाजरा इलाके में स्थित स्वराज फैक्ट्री के नजदीक एक अवैध इमीग्रेशन कार्यालय पर पुलिस ने छापा मारकर एक बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में जलविंदर सिंह नामक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जो बिना किसी लाइसेंस के इमीग्रेशन सेवा प्रदान कर रहा था। जलविंदर जो कि मानसा के भीखी गांव का निवासी है, पर आरोप है कि उसने लोगों से विदेश भेजने के वादे करके बड़ी मात्रा में धनराशि वसूल की थी। पुलिस को इस फर्जी ऑफिस के बारे में एक संभावित सूचना मिली थी, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई।
पुलिस ने इस छापेमारी के दौरान अवैध इमीग्रेशन कार्यालय से कई पासपोर्ट और कंपनी के मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। इन मोबाइल फोन का उपयोग लोगांे को संपर्क करने और धोखाधड़ी करने के लिए किया जा रहा था। जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि जलविंदर ने अपने कार्यालय में 5 से 6 लड़कियों को कार्यरत किया था, जो लोगों को फोन कर झूठे वादे करती थीं। ये लड़कियां आरोपी के निर्देश पर काम कर रही थीं, जिसका उद्देश्य लोगों को विदेश भेजने का सपना दिखाकर उन्हें ठगना था। जलविंदर सिंह ने लोगों को विश्वास दिलाने के लिए खुद को इमीग्रेशन क्षेत्र का विशेषज्ञ बताकर यह अवैध कार्यालय खोला था।
जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि जलविंदर के पास नहीं तो कोई वैध लाइसेंस था और न ही उसने आवश्यक कानूनी दस्तावेज जुटाए थे। आरोपी पासपोर्ट को बिना किसी कानूनी अधिकार के अपने पास रख लेता था और लोगों को विदेश भेजने का झूठा आश्वासन देकर मोटी रकम वसूलता था। धारा 318(4) और 24 के तहत इमीग्रेशन अधिनियम में उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और विस्तृत जांच की कार्रवाई शुरू की गई है।
पुलिस प्रशासन ने इस मामले की जांच एएसआई जसवंत सिंह के नेतृत्व में आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के फर्जी इमीग्रेशन कार्यालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की आवश्यकता है ताकि आम जनता को ठगी से बचाया जा सके। पुलिस ने आम जनता को सावधान करते हुए अनुरोध किया है कि वे किसी भी अवैध इमीग्रेशन कार्यालय का हिस्सा न बनें और हमेशा प्रमाणित एवं वैध संस्थानों का सहारा लें। छापेमारी की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि पुलिस विभाग फर्जीवाड़े करने वालों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाने के लिए तत्पर है।