लुधियाना में कूरियर वाहन में भयानक आग, चिंगारी से पलभर में सब राख!

Share

पंजाब के लुधियाना में एनएच44 हाईवे पर बस्ती जोधेवाल के निकट एक कूरियर वैन में अचानक आग लग गई। जब ड्राइवर गुरजीत सिंह को आग लगने की जानकारी मिली, तो उसने तुरंत गाड़ी को सड़क किनारे रोक दिया और पानी लाने के लिए चला गया। लेकिन इस बीच आग इतनी तेजी से फैल गई कि पूरी गाड़ी इसकी चपेट में आ गई। यह घटना राहगीरों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई, जिन्होंने फायर ब्रिगेड और NHAI के अधिकारियों को सूचित किया।

गुरजीत सिंह ने बताया कि वह लाडोवाल क्षेत्र से कूरियर वैन चलाकर आ रहा था, जिसमें सामान भरा हुआ था। उसका मेन स्टोर साहनेवाल में है। जैसे ही वह बस्ती जोधेवाल के पास पहुंचा, उसने देखा कि गाड़ी के इंजन से धुआं निकल रहा है। इस संकट की स्थिति में, उसने गाड़ी को सड़क के किनारे रोकने के बाद पानी लेने का निर्णय लिया, लेकिन आग की लपटें तेजी से फैल गईं और पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। इसके परिणाम स्वरूप, गाड़ी में मौजूद सभी सामान पूरी तरह से जलकर राख हो गए।

घटना के बाद, राहगीरों ने मिलकर निकटतम फायर स्टेशून को घटना की सूचना दी, लेकिन तब तक बहुत कुछ जल चुका था। फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन वाहन का बड़ा हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। इस स्थिति ने सभी को प्रभावित किया, क्योंकि डिलीवरी के लिए भेजा गया सारा सामान नुकसान में चला गया। कुछ लोगों ने यथासंभव सामान को गाड़ी से बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन वह भी क्षतिग्रस्त हो गया।

NHAI के अधिकारी दलजीत सिंह ने कहा कि वाहन में आग लगने की सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचे। उन्होंने भी यह पुष्टि की कि गाड़ी का सारा सामान जलकर पूरी तरह बर्बाद हो गया है, लेकिन ड्राइवर सुरक्षित है। गुरजीत सिंह ने स्टोर मालिकों को इस घटना की जानकारी दे दी है। आग के कारणों का पता अभी तक नहीं चल पाया है, लेकिन Preliminary जांच से यह स्पष्ट हुआ है कि यह आग वाहन के इंजन से उत्पन्न हुई थी।

यह घटना सभी के लिए एक चेतावनी है कि सड़क पर चलने वाले वाहनों की नियमित जांच-पड़ताल करना अत्यंत आवश्यक है। कूरियर सेवाओं में कार्यरत वाहन चालक और सामान की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु सतर्क रहें। आग लगने की इस घटना ने एक बार फिर हमें यह सिखाया है कि अचानक आए संकट का सामना किस तरह से करना चाहिए। सभी संबंधित अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लेते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों की तलाश शुरू कर दी है।