फतेहगढ़ साहिब पुलिस ने तीन बदमाशों को हथियारों सहित गिरफ्तार किया है, जो मंडी गोबिंदगढ़ के उद्योगपतियों को डराकर फिरौती मांगने में लिप्त थे। यह गिरोह विशेष रूप से जेल से जुड़े संगठनों के साथ काम करता था। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तरणप्रीत सिंह तितली, अमृत सिंह और गुरदीप सिंह दीपा के रूप में की है। इन आरोपियों के पास से एक पिस्तौल, एक तलवार और एक गंडासी बरामद की गई है। यह गिरफ्तारियां एक गंभीर मामले के बाद की गई हैं, जिसमें लोहा कारोबारी पर हमले की घटना हुई थी।
11 नवंबर को, मंडी गोबिंदगढ़ के लोहा कारोबारी, अमनदीप सिंह उर्फ बादल पर तीन बदमाशों द्वारा हमला किया गया था। आरोपियों ने बाइक पर सवार होकर इस वारदात को अंजाम दिया था। लोहा कारोबारी किसी तरह अपनी जान बचाकर भागने में सफल रहा, लेकिन हमला करने वाले बदमाशों ने उसके घर के बाहर खड़ी इनोवा गाड़ी को तोड़फोड़ते हुए धमकियां दीं। प्रारंभिक जांच से पता चला कि यह हमला दरअसल फिरौती की मांग के लिए किया गया था, जिसमें बदमाशों को जेल में बैठे अपने सहयोगियों के लिए 5 से 7 लाख रुपए पहुंचाने थे।
एसएसपी डॉ. रवजोत ग्रेवाल ने जानकारी दी कि मंडी गोबिंदगढ़ पुलिस ने 2 अक्टूबर 2024 को एक हत्या के मामले में कुछ संदिग्धों को गिरफ्तार किया था, जिनमें से कुछ फरार थे। इस फरार सूची में तरणप्रीत सिंह तितली का नाम भी शामिल था। इस हत्या के मामले में जेल में बंद संदीप सिंह बाक्सर ने तितली को संदेश भेजा था कि वह अमनदीप सिंह और आकाशदीप सिंह पर हमला करें और उनसे फिरौती मांगें ताकि उनके जेल में रहने की स्थिति बेहतर हो सके। इस निर्देश को मानते हुए, तितली ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर यह हमला किया था।
इस मामले के उजागर होने के बाद, पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्त में लेकर उनसे पूछताछ जारी रखी है। एसएसपी ने बताया कि तितली पर खन्ना के विभिन्न थानों में नशा तस्करी, इरादे से हत्या, लूटपाट और सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने के आरोपों के तहत कुल 5 मामले दर्ज हैं। यह प्रकरण इस बात का संकेत है कि किस प्रकार अपराधी गिरोह अपने लक्ष्यों को पाने के लिए हिंसा का सहारा लेते हैं और इससे समाज के लिए कितनी गंभीर समस्या उत्पन्न हो रही है।
पुलिस की कार्रवाई और मिली जानकारी से यह स्पष्ट होता है कि फतेहगढ़ साहिब की कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार सजग है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए उनकी गिरफ्तारी को प्राथमिकता दे रही है। यह मामला न केवल स्थानीय व्यापारियों के लिए एक चेतावनी है, बल्कि समाज में बढ़ते अपराध के खिलाफ एक सख्त संदेश भी है कि पुलिस कभी भी अपराधी व्यवहार को सहन नहीं करेगी।