लुधियाना में एक शू कारोबारी मोंटी कक्कड़ को पुलिस की कार्रवाइयों का शिकार होना पड़ा। यह घटना स्लेम टाबरी इलाके में हुई, जहां मोंटी अपने बच्चों के लिए चिकन पैक करवाने पहुंचे थे। अचानक पुलिस की एक जिप्सी आई और अधिकारियों ने उन्हें जबरन अपनी गाड़ी में बैठा लिया। इसके बाद, उन्हें थाने ले जाकर करीब तीन घंटे तक हिरासत में रखा गया। इस दौरान मोंटी ने बार-बार पुलिस से यह पूछा कि उन्हें क्यों पकड़ा गया है, लेकिन पुलिस द्वारा कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।
कारोबारी के अनुसार, उन्हें अवैध तरीके से हिरासत में रखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि थाने में पुलिस कर्मियों ने बिना किसी कारण के उन्हें रोका और उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाई। अंततः, पुलिस ने गलती से पकड़े जाने का कारण बताते हुए उन्हें छोड़ दिया। मोंटी ने अपनी शिकायत को गंभीरता से लिया और सिविल अस्पताल जाकर मेडिकल परीक्षण करवाया। इसके साथ ही, उन्होंने पुलिस के उच्च अधिकारियों से अनुरोध किया कि आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
इस घटना के संबंध में एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि पुलिस कर्मियों ने मोंटी को जबरन पकड़ रखा है और उन्हें गाड़ी में बैठाने का प्रयास कर रहे हैं। मोंटी ने लुधियाना के सिटी पुलिस कमिश्नर से भी आरोपी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, उन्हें इंसाफ की तलाश है और वह चाहते हैं कि जिम्मेदार पुलिस कर्मियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएँ।
एसएचओ बिटन कुमार ने इस मामले पर प्रतिक्रिया दी और बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में आ चुका है। उन्होंने कहा कि पुलिस उचित जांच कर रही है। इस घटना ने स्थानीय निवासियों में पुलिस के प्रति असंतोष और चिंता को बढ़ा दिया है। मोंटी कक्कड़ की स्थिति ने यह सवाल उठाया है कि क्या पुलिस व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है, ताकि आम नागरिकों के साथ इस तरह की घटनाएं न हो सकें।
इस प्रकार की घटनाएं न केवल एक आम आदमी के अधिकारों का उल्लंघन करती हैं, बल्कि यह पुलिस प्रशासन की छवि को भी धूमिल करती हैं। अब देखना यह है कि क्या संबंधित अधिकारियों द्वारा इस मामले में उचित कार्रवाई की जाती है या नहीं, जिससे मोंटी को न्याय मिल सके। यह घटना लुधियाना के नागरिकों के लिए एक चेतावनी है कि उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सतर्क रहना चाहिए और किसी भी अन्याय के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।