मस्जिदों में तकरीर के पहले वक्फ बोर्ड से इजाजत लेना होगा : डॉ. सलीम राज
जगवलपुर, 17 नवंबर (हि.स.)। छग राज्य वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सलीम राज ने रविवार काे पत्रकाराें से चर्चा के दाैरान कहा कि मस्जिद इबादत की जगह है, यहां पर बयानबाजी कर इसे राजनीतिक अखाड़ा न बनाएं। मस्जिद खुदा की पवित्र जगह है, यहां पर इबादत की जाती है, इबादत ही करें। उन्होंने कहा कि देश औरप्रदेश में सामाजिक समरसता और भाईचारा बनी रहे इसके लिए सजग रह कर काम किया जाएगा। इन दिनों कुछ इबादतगाहों पर मौलवी द्वारा लोगों को उकसाने वाले बयानबाजी की जा रही है उसे बंद किया जाएगा। ऐसे मौलवियों पर नियंत्रण रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्हाेंने कहा कि मस्जिदों में तकरीर के पहले वक्फ बोर्ड से इजाजत लेना होगा।
डॉ. सलीम राज ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा लाया गया वक्फ संशोधन बिल जन हितैषी बिल है, इसे तत्काल लागू किए जाने चाहिए। इस बिल के बारे में बिना जाने समझे उसके बारे में बयानबाजी करना उचित नहीं है। इस बिल को कांग्रेस की सरकार के दौरान भी कई बार लाया जा चुका है। प्रदेश में वक्फ बोर्ड अपने संगठन को मजबूत बनाने के लिए वक्फ बोर्ड की प्रापर्टी पर बरसों से जमें अवैध कब्जाधारियों को जल्द ही हटाया जाएगा। इस समय प्रदेश में लगभग 80 फीसदी प्रापर्टी पर अवैध कब्जे हैं जिन्हें हटाया जाएगा। वक्फ बोर्ड की प्रापर्टी पर जमें लोगों को संपत्ति का किराया कलेक्टर दर से राशि जमा करने होंगे। आने वाले समय में वक्फ बोर्ड अपने संस्था के माध्यम से समाज के गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए अस्पताल, हॉस्टल, स्कूल और मेधावी छात्र छात्राओं को स्कालरशिप की व्यवस्था एवं महिलाओं के उत्थान के लिए कार्य किए जाएंगे।
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