पंजाब में हत्याकांड: गैंगस्टर अर्श डल्ला की साजिश, गुरप्रीत के मर्डर का खुलासा!

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पंजाब के फरीदकोट जिले के गांव हरीनौ में पंथक नेता गुरप्रीत सिंह की हत्या के मामले में फरीदकोट पुलिस ने दो शूटरों की गिरफ्तारी के बाद एक अन्य संदिग्ध बलबीर सिंह को भी पकड़ लिया है। बलबीर सिंह, नवजोत सिंह का भाई है, जिस पर आरोप है कि उसने गुरप्रीत सिंह की हत्या के बदले गैंगस्टर अर्श डल्ला से पैसे वसूलने की कोशिश की और दोनों शूटरों को छिपने में मदद की। पुलिस का दावा है कि दोनों शूटरों ने पंजाब में तीन और टारगेट किलिंग की वारदातें अंजाम देने की योजना बनाई थी। इस मामले से संबंधित जानकारी देते हुए फरीदकोट के एसएसपी डॉ प्रज्ञा जैन ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि इस हत्या की घटना 9 अक्टूबर को बरनाला जिले में हुई थी।

एसएसपी ने बताया कि हत्याकांड को अंजाम देने वाले शूटर नवजोत सिंह और अनमोलप्रीत सिंह ने गुरप्रीत सिंह को गोलियों से भून दिया था। पुलिस ने इन दोनों को एक महीने की मेहनत के बाद गिरफ्तार किया। सूत्रों के अनुसार, इनमें से नवजोत के भाई बलबीर सिंह को अर्श डल्ला ने पैसे भेजकर इस हत्याकांड में शामिल कराया था। बलबीर को पुलिस द्वारा गिरफ्तार करने पर उसके पास से दो पिस्तौल, जिंदा कारतूस और कुछ नकदी भी बरामद की गई।

फरीदकोट पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपी हत्या के बाद अलग-अलग स्थानों पर छिपे हुए थे। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी से दो दिन पहले दोनों ने ग्वालियर में भी एक हत्या की घटना को अंजाम दिया था। इनकी गिरफ्तारी में कई अन्य जिलों की पुलिस और एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) की सहायता ली गई। एसएसपी डॉ प्रज्ञा जैन ने कहा कि इन दोनों को मोहाली के खरड़ के निकट से पकड़ा गया है।

अब पुलिस इन दोनों आरोपियों को कोर्ट के सामने पेश कर उनका रिमांड हासिल करने की योजना बना रही है, ताकि उनसे गहन पूछताछ की जा सके। फरीदकोट पुलिस को उम्मीद है कि इस पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारी और खुलासे सामने आ सकते हैं, जो इस मामले से जुड़े अन्य संदिग्धों और वारदातों को उजागर कर सकते हैं। इस प्रकार की हत्या की घटनाएं पंजाब में चिंता का विषय बनी हुई हैं, और पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वे ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

गुरप्रीत सिंह की हत्या की यह वारदात न केवल स्थानीय समुदाय में दहशत का माहौल पैदा कर रही है, बल्कि यह राज्य में बढ़ती अपराध दर को भी उजागर करती है। इसलिए पुलिस घटना की पूरी जांच कर रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। पुलिस का लक्ष्य है कि वे जल्द ही इस गैंग से जुड़े सभी लोगों को पकड़कर कानून की गिरफ्त में लाएं।