कपूरथला: मकान मालिक के भतीजे ने बच्ची के साथ अश्लीलता, धमकी और भगाकर शादी का झांसा!

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कपूरथला में एक चिंताजनक घटना सामने आई है, जहां मोहल्ला मेहताबगढ़ की एक 5 साल की बच्ची को एक युवक द्वारा अश्लील व्यवहार का शिकार बनाया गया। यह मामला तब सामने आया जब बच्ची की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उसका बेटा और बेटी घर में अकेले थे, जबकि वह अपने काम पर गई हुई थी। लौटने पर, उसकी बेटी ने रोते हुए उसे बताया कि लक्की नामक युवक, जो मकान मालिक का रिश्तेदार है, उसे अपने कमरे में लेकर गया और उसके साथ गैरकानूनी व्यवहार किया। जब बच्ची ने विरोध शुरू किया, तो वह युवक वहां से भाग निकला। इसके बाद इस युवक ने पीड़ित परिवार को धमकाना भी शुरू कर दिया और कहा कि अगर इस घटना की जानकारी पुलिस को दी गई तो वह परिवार को झूठे केस में फंसाने की धमकी दी।

पुलिस ने तुरंत ही मामले की गंभीरता को समझते हुए युवक के खिलाफ बीएनएस और POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। लेकिन फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है, जिससे परिवार में भय का माहौल बना हुआ है। स्थानीय पुलिस इस मामले की पूरी गंभीरता से जांच कर रही है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए प्रयासरत है। यह घटना न केवल इस परिवार के लिए, बल्कि पूरे समुदाय के लिए चिंता का विषय बन गई है।

इसके अलावा, सुल्तानपुर लोधी में भी एक नाबालिग को शादी का झांसा देकर भगाने का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि उनकी 17 वर्ष 9 माह की बेटी को दो युवकों, सोना और अजय, ने बहला-फुसलाकर बाइक पर लेकर भाग गए। जब परिवार को इस घटना का पता चला, तो उन्होंने दोनों युवकों का पीछा करने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी जल्द ही अपने इरादों में सफल हो गए।

पुलिस को मिली शिकायत के आधार पर, दोनों आरोपियों के खिलाफ भी बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। उसे पकड़ने के लिए पुलिस ने विशेष टीमें गठित की हैं और क्षेत्र में तलाशी अभियान जारी है। परिवार ने आरोप लगाया है कि सोमा नामक एक व्यक्ति ने इन युवकों को इस कृत्य के लिए प्रेरित किया। जैसे-जैसे ये मामले बढ़ रहे हैं, यह स्पष्ट हो रहा है कि बच्चों और युवाओं के प्रति सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना कितना आवश्यक हो गया है।

इन घटनाओं ने न केवल स्थानीय लोगों में भय का माहौल बना दिया है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि समाज में किशोरों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर हमें और अधिक जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है। पुलिस ने इस दिशा में कार्यवाही करते हुए मौलिक रूप से बच्चों के खिलाफ हो रहे अपराधों की रोकथाम हेतु कदम उठाने का आश्वासन दिया है, जिससे उम्मीद की जा रही है कि इन मामलों में स्थिति में सुधार होगा।