नवांशहर के कस्बा बंगा में एक युवक ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली, जो क्षेत्र में एक दुखद घटना बन गई है। मृतक युवक की पहचान 25 वर्षीय अजय कुमार के तौर पर हुई है। इस मामले में अजय के पिता ने बताया कि रात के समय उनके बेटे का अपनी पत्नी के साथ किसी विषय पर विवाद हुआ था। पिता के अनुसार, झगड़े के चलते अजय ने काफी देर तक फोन पर बातचीत की और इसके बाद अत्यंत तनाव में आकर फांसी लगाने का निर्णय लिया।
अजय कुमार का निवास गोरा घाट बिहार है, लेकिन वह कस्बा बंगा में अपने पिता के साथ रहता था। उसके पिता ने बताया कि पति-पत्नी के बीच हुई नोकझोंक के कारण अजय मानसिक दबाव में था, जिससे वह इस प्रकार का कदम उठाने के लिए मजबूर हुआ। पुलिस ने बताया कि फिलहाल वे मामले की जांच कर रही हैं, लेकिन इस संबंध में कोई विशेष जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया है।
अजय का शव अब सरकारी अस्पताल के शवगृह में रखवाया गया है, जहां उसका पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। मृतक युवक के आढ़ती मित्र संजीव जैन ने बताया कि अजय का पिता पिछले 10 वर्षों से उनके पास काम कर रहा है, जबकि अजय को पहले कभी भी काम पर नहीं लाया गया था। यह पहली बार था जब अजय ने काम पर जाने का निर्णय लिया था और इसी दौरान उसकी पत्नी के साथ बात करते हुए यह दुखद घटना हो गई।
यह घटना परिवार और स्थानीय समुदाय के लिए एक बड़ा झटका है। आत्महत्या के बढ़ते मामलों के बीच, यह आवश्यक है कि समाज इस समस्या की गंभीरता को समझे और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर चर्चा शुरू करे। विशेषकर युवा पीढ़ी में बढ़ते तनाव और उम्मीदों के बोझ का सही समय पर समाधान करना आवश्यक है, ताकि ऐसे दुखद हालात से बचा जा सके।
ऐसी घटनाएं समाज में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता को दर्शाती हैं। परिवार और मित्रों को चाहिए कि वे एक-दूसरे पर ध्यान दें और किसी भी प्रकार के मानसिक तनाव को समझने में मदद करें। अजय कुमार की आत्महत्या ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जीवन में कई बार हम अकेले महसूस कर सकते हैं, लेकिन ऐसे समय पर संवाद और समर्थन की आवश्यकता होती है। इसलिए, हमें अपने आस-पास के लोगों के मानसिक स्वास्थ्य का सम्मान करना चाहिए और उन्हें अपनी भावनाओं को साझा करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।