पंजाब के फगवाड़ा शहर में एक दुखद घटना के चलते कस्टम विभाग के एक असिस्टेंट कमिश्नर की उम्रभर की यात्रा समाप्त हो गई। यह हादसा रविवार को फगवाड़ा-जालंधर नंगल रेलवे फाटक के नजदीक हुआ, जहां की पहचान सेवा राम के रूप में हुई है। वह श्री गुरु रविदास नगर (जालंधर) के निवासी थे, और उनके निधन का समाचार सुनकर पूरा परिवार और सहकर्मी शोक में डूब गए हैं।
पुलिस ने बताया कि सेवा राम (59) कस्टम विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर कार्यरत थे और वह नंगल रेलवे फाटक की जमीन नापने के लिए टेप लेकर आए थे। स्टेशन के गेट बंद होने के कारण, उन्होंने अपनी कार को एक तरफ खड़ा कर दिया था। जब वह रेलवे फाटक को पार करने लगे, तब वह फोन पर किसी से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान फगवाड़ा से जालंधर की ओर एक पैसेंजर ट्रेन आती नजर आई।
सेवा राम ने जब दौड़कर ट्रैक पार करने की कोशिश की, तो वह दूसरी रेल लाइन पर पहुंचने में सफल रहे। लेकिन इसी क्षण, जालंधर से लुधियाना जाने वाली एक मालगाड़ी आ रही थी, जो उनकी दृष्टि से ओझल हो गई। इसके बाद वह मालगाड़ी की चपेट में आ गए, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इलाके के रेलवे ड्राइवर ने घटना की सूचना तुरंत स्टेशन पर दी, जिसके चलते फगवाड़ा जीआरपी की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
पुलिस अधिकारी जोध सिंह के अनुसार, भगवान को प्यारा हुए सेवा राम का शव जब उनकी पहचान पत्र के आधार पर परिवार को सौंपा गया, तो उनके परिवार के सदस्य गहरे सदमे में थे। यह जानकारी भी सामने आई है कि सेवा राम कुछ ही दिनों में अपनी सेवा से रिटायर होने वाले थे। यह घटना न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि उनके सहकर्मियों और सभी परिचितों के लिए एक बड़ा सदमा है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और परिवार से भी बयान दर्ज किए जा रहे हैं। इस प्रकार की घटनाएं हमें यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि कहीं लापरवाहियों की वजह से अनहोनी न हो जाए। रेलवे सुरक्षा के नियमों का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है, ताकि ऐसे दुखद अनुभव का सामना न करना पड़े। घटना की सभी पहलुओं पर पुलिस गहनता से जांच कर रही है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं रोकी जा सकें।