पंजाब के राजनीतिक परिदृश्य में 13 नवंबर को चार विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपनी चुनावी गतिविधियों को तेज कर दिया है। इस अभियान के तहत, उन्होंने रविवार को डेरा बाबा नानक में पार्टी के उम्मीदवार गुरदीप सिंह रंधावा के समर्थन में एक चुनावी जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान, भगवंत मान ने विरोधी पार्टियों पर तीखा हमला करते हुए कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी अपने आलोचनाओं का निशाना बनाया। उन्होंने विधानसभा में अपने कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि वह हमेशा पक्के हाथ से काम करते हैं।
सीएम भगवंत मान ने कहा कि उन्होंने जनता की भलाई के लिए कई प्रयास किए हैं, जैसे कि विधायकों और मंत्रियों की पेंशन को समाप्त करना तथा लोगों को मुफ्त बिजली देने की योजना को लागू करना। उन्होंने बताया कि पहले जब यह योजना शुरू हुई, तो विरोधी इसका मजाक उड़ाते थे, लेकिन अब पंजाब में 600 यूनिट बिजली का बिल मुफ्त दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने बताया कि अब तक 45,000 युवाओं को नौकरी दी गई है, जो लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए उनके प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मान ने यह भी कहा कि प्रताप सिंह बाजवा जैसे नेताओं ने राज्य में टोल प्लाजा स्थापित कर आम जनता को परेशान किया है, लेकिन उनकी सरकार ने प्रमुख टोल प्लाजा बंद कर दिए हैं।
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर भी भगवंत मान ने तीखी बातें कहीं। उन्होंने कहा कि कैप्टन जिस तरह से भाजपा के प्रति अपनी निराशा व्यक्त कर रहे हैं, वह स्पष्ट रूप से दिखाता है कि उनकी राजनैतिक प्रासंगिकता समाप्त होती जा रही है। उन्होंने इसका भी उल्लेख किया कि जब किसान आंदोलन चल रहा था उस समय कैप्टन मुख्यमंत्री थे, लेकिन उन्होंने किसानों के लिए कुछ नहीं किया। मान ने चेतावनी दी कि आगामी चुनाव में जनता को अपने मत का प्रयोग सोच-समझकर करना चाहिए, क्योंकि उनके वोटों के लिए कई लोगों ने बलिदान दिया है।
इन उपचुनावों में कुल चार सीटों पर चुनाव हो रहे हैं, जो बरनाला, डेरा बाबा नानक, गिद्दड़बाहा और चब्बेवाल हैं। इन सीटों पर चुनाव का महत्व केवल पार्टी की विजय से अधिक है, बल्कि यह नेताओं की प्रतिष्ठा के लिए भी महत्वपूर्ण है। बरनाला से सांसद राजकुमार चब्बेवाल के बेटे डॉ. इशांक चुनावी मैदान में हैं और डेरा बाबा नानक से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुखजिंदर रंधावा की पत्नी जतिंदर कौर को उम्मीदवार बनाया गया है। इसी तरह, भाजपा ने मनप्रीत बादल पर दांव लगाया है।
इन चारों सीटों पर कुल 45 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं, जिसमें AAP, कांग्रेस और भाजपा प्रमुख पार्टियां हैं। इस बार चुनाव में कांग्रेस ने अपनी रणनीति को नया रूप दिया है। हालांकि, भाजपा और AAP ने अपने स्टार प्रचारकों की घोषणा कर दी है। 1992 के बाद पहली बार अकाली दल चुनावी मुकाबले से बाहर है, क्योंकि पार्टी प्रधान सुखबीर बादल को हाल ही में धार्मिक सजा मिली है। ऐसे में, इन चुनावों में विभिन्न राजनीतिक परिस्थितियों और मतदाताओं की अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए भागीदारी और रणनीतियों में बदलाव देखने को मिलेगा।