झामुमाे की संवैधानिक संस्थाओं पर संदेह, हार का डर या पुरानी आदत:  अजय साह

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 झामुमाे की संवैधानिक संस्थाओं पर संदेह, हार का डर या पुरानी आदत:  अजय साह

रांची, 29 अक्टूबर (हि.स.)। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने झामुमाे के प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य की प्रेस वार्ता पर मंगलवार काे कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि झामुमाे का चुनाव आयोग और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना उनकी पुरानी आदत बन चुकी है। यह वही पार्टी है जो हर बात पर संविधान की दुहाई देती है लेकिन दूसरे ही दिन संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करती नजर आती है। इससे यह साफ हो जाता है कि झामुमाे को अपनी हार का अंदेशा है, और वह पहले से ही हार के बहाने तैयार कर रही है।

अजय साह ने कहा कि धनबाद में कोयला चोरी के मामले की जांच का आदेश उच्च न्यायालय ने दिया था। तो क्या अब झामुमाे यह कहना चाहती है कि उच्च न्यायालय भी भाजपा के पक्ष में है? यदि झामुमाे को ईडी की कार्रवाइयों के बारे में जानकारी चाहिए, तो उन्हें भाजपा से नहीं, बल्कि अपने महंगे वकीलों से पूछना चाहिए, जिन्हें झामुमाे ने जनता के पैसे से रखा है और जो भ्रष्टाचारियों को बचाने में लगे हैं। जहां तक घुसपैठ का सवाल है, केंद्र की भाजपा सरकार और प्रदेश भाजपा हमेशा राष्ट्रविरोधी ताकतों का विरोध करती रही है। यदि केंद्र सरकार ईडी का उपयोग भ्रष्टाचारियों पर नकेल कसने के लिए कर रही है, तो यह एक सराहनीय कदम है। राज्य सरकार ने अपने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से अब तक क्या कार्रवाई की है, इसका जवाब झामुमाे को देना चाहिए।

झामुमाे द्वारा प्रधानमंत्री के झारखंड आगमन पर उठाए गए सवालों को लेकर अजय साह ने कहा कि जब केरल से मुस्लिम लीग से जुड़े सांसद या कश्मीर के नेता झारखंड आते हैं, तो झामुमाे उनका रेड कारपेट बिछा कर स्वागत करती है लेकिन जब देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित ाह, या हिंदू हृदय सम्राट योगी आदित्यनाथ का दौरा होता है, तो झामुमाे को इससे परेशानी होती है।

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